कोलकाता। विश्व मौसम दिवस के मौके पर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आम लोगों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक और प्रतिबद्ध होने की अपील की है। आज सुबह मुख्यमंत्री ने इस बारे में ट्वीट किया है। ममता ने लिखा कि जलवायु परिवर्तन की घटनाओं की वजह से मौसम में आवृति बढ़ रही है। आज विश्व मौसम दिवस के मौके पर हम सबको पर्यावरण को बचाकर रखने और टिकाऊ भविष्य के निर्माण का संकल्प लेना होगा। विश्व मौसम विज्ञान संगठन द्वारा प्रतिवर्ष 23 मार्च को ”विश्व मौसम विज्ञान दिवस” मनाया जाता हैं।

इस दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को मौसम विज्ञान तथा इसमें हो रहे परिवर्तन के बारे में जागरूक करना है। वर्ष 1950 में विश्व मौसम संगठन की स्थापना सयुंक्त राष्ट्र की एक इकाई के रूप में की गई थी। जिनेवा में इसका मुख्यालय खोला गया था। मानव के दुःख-दर्द को कम करना और संपोषणीय विकास को बढ़ाना देना ही इस संगठन का मुख्य उद्देश्य था। पहले के मुकाबले आज के समय में मौसम विज्ञान में सिर्फ मौसम विधा ही शामिल नहीं हैं बल्कि अब इसमें पूरा भू-विज्ञान शामिल हैं। मौसम विज्ञान का इस्तेमाल बाढ़, भूकंप, सुनामी और प्राकृतिक आपदाओं का अनुमान लगाने के लिए किया जाता हैं।

विश्व मौसम विज्ञान दिवस पर विश्व के विभिन्न हिस्सों में सभाएं और अन्य कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इन कार्यक्रम में मौसम विज्ञानी विचार एवं अनुभव बांटते हैं। इसके साथ ही कार्यक्रम में इस मुद्दे पर चर्चा करते हैं कि मौसम द्वारा उत्पन्न हो रही समस्याओं से किस प्रकार बचा जा सकता हैं और विज्ञान की सभी नई तकनीक को भारतीयों के साथ-साथ विश्व भर में मानवजाति के कल्याण के लिए कैसे उपयोग किया जाए।