मुजफ्फरपुर, 18 फरवरी (आरएनआई)। पुलवामा में कायराना आतंकी हमले से देश घायल है,क्रुद्ध है और सदमे में है. हमलोग इसकी निंदा और भर्त्सना करते हैं. कई संगठन इसकी प्रतिक्रिया में मौन जुलूस, कैंडल मार्च और अन्य कार्यक्रमों को आयोजित कर अपने गुस्से और भावनाओं का इजहार भी कर रहे हैं. हम आपलोगों की संवेदना को नमन करते हैं लेकिन हर किसी का लक्ष्य पवित्र नहीं होता है।कुछ असामाजिक लोग भी ऐसे अवसरों की तलाश में बैठे रहते हैं।वे सामाजिक एकता के ताने बाने को तोड़कर अराजकता का माहौल सृजित कर देना चाहते हैं. हमारे देश के दुश्मन भी ऐसा ही चाहते हैं. वे हमें हिन्दू और मुस्लिम के नाम पर बाँट कर हमारी ताकत को छिन्न भिन्न कर देना चाहते हैं।हम उनकी चाल समझ नहीं पाते हैं और उनकी साजिशों के शिकार हो जाते हैं. ऐसी ही परिस्थिति में हम एक दूसरे को नुकसान पहुँचाकर अनजाने में ही सामाजिक समरसता और साम्प्रदायिक सद्भाव को नष्ट करने लग जाते हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है।ऐसे में शांति स्थापित करने में पुलिस की भूमिका चुनौतीपूर्ण हो जाती है।ये देश हित में भी नही है.

अतः सभी लोगों से सादर अनुरोध है कि बुद्ध और महावीर की पावन धरती पर स्नेह, सौहार्द्र और समभाव को हर हालत बनाए रखें. ये धैर्य बनाए रखने का समय है,शोक का समय है लेकिन हताश होने का समय नही है.मुल्क की सरकार,मुल्क की सेना उचित अवसर पर इसका उचित जवाब अवश्य देगी और मुल्क की सारी जनता सरकार और सेना के निर्णय के साथ मजबूरी से खड़ी है.पुलिस आपके साथ है, आपसी शांति और सद्भाव हर क़ीमत पर बनाए रखना है. आप सब हमारा संदेश हर जन जन तक पहुँचाएँ और मेरा सहयोग करें.