अमेठी: तहसील तिलोई के पूरे टढ़ेई में पट्टे की ज़मीन के बंटवारे में हुई धांधली का मामला सामने आया है, चार हेक्टेयर की ज़मीन के मामले में तत्कालीन एसडीएम. नायब तहसीलदार व लेखपाल पर आरोप सही पाये गये हैं। बताया जाता है कि चार हेक्टेयर से अधिक ज़मीन के लिए 26 लोगों का नाम दिया गया था। जिसमें पांच अनुसूचित के,15 पिछड़ी जाति के यादव व छह सामान्य जाति के ब्राह्मणों का नाम था, जिनमें से अनुसूचित जाति के तीन, 11 यादव व तीन ब्राह्मणों को मिलाकर 17 लोगों को पट्टा आवंटन किया गया था।

आरोप है कि इनमें से एक भी भूमिहीन नहीं था, जबकि गांव में बहुत से ऐसे लोग हैं जिनको भूमि की वाकई ज़रूरत है। बताया जाता है कि जिनको भूमि दी गई उनमें से चार लोग ग्राम पंचायत सदस्य के थे, गांव वालों का कहना है कि इन लोगों को एक बीघा से अधिक ज़मीन दी गई बाकी लोगों को कम।

इस मामले पर अमेठी की डीएम ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि टढ़ेई में फर्जी ज़मीन आवंटन का मामला सामने आया है, मामले में दोषी सोवानिवृत्त लेखपाल की पेंशन आदि रोकने की कार्यवाही की जा रही है। वहीं अन्य लोगों के लिए शासन में रिपोर्ट भेजी जायेगी।