नदिया। लोकसभा चुनाव से पहले ही राज्य में सियासत इस कदर गरम है कि सत्ता पक्ष हो या फिर प्रतिपक्ष हर कोई जुबानी तीर चला रहा है। नाताओं की जुबान भी कड़वी हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के कृष्णगंज के दिवंगत विधायक सत्यजीत विश्वास की मौत के बाद उनके परिजनों को सांत्वना देने आज उनके घर तृणमूल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा। जो दिल्ली के नेताओं का पैर पकड़कर लटक रहे हैं, उन्हें भी मुक्ति नहीं मिलेगी। राज्य के पुलिस मंत्री का नाम ममता बनर्जी है, इसलिये कोई भी अन्याय करके बच नहीं सकता। अभिषेक ने चुनौती देते हुए कहा कि जो यह सोच रहे हैं कि अपराध करने के बाद दिल्ली के नेता उन्हें बचा लेंगे, तो याद रखें कि कोई नहीं बच पायेगा। सभी को जेल जाना होगा। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भाजपा हत्या की इस घटना को तृणमूल कांग्रेस के आपसी संघर्ष की घटना बनाना चाह रही है। लेकिन जो पकड़े गए हैं, वे किस पार्टी के सदस्य हैं? और यदि आपसी गुटबाजी की घटना है तो दूसरे गुट के नेता के नाम भाजपा के लोग बताएं हैं? अभिषेक ने दावे के साथ कहा कि नदिया में तृणमूल कांग्रेस में किसी प्रकार की गुटबाजी नहीं है। अभिषेक ने आगे कहा कि रास्ते में सभी लोग प्लेकार्ड लेकर खड़े हैं। प्लेकार्ड पर लिखा हुआ है, अभिजीत पुण्डरी को सजा दो। अभिजीत पुण्डरी आर.एस.एस. का आदमी है। इसके बावजूद लोग इस हत्या की घटना को तृणमूल कांग्रेस के आपसी संघर्ष की घटना बताने पर तुले हैं। उन्होंने कहा कि वे यह जिम्मेवारी लेकर कह रहे हैं कि इस मामले में कोई अपराधी बच नहीं पायेगा। अभिषेक ने आगे कहा कि जो लोग हत्याएं कर रहे हैं और दिल्ली के नेताओं का पैर पकड़कर झूल रहे हैं। वह बच नहीं पायेंगे। अभिषेक का निशाना मुकुल राय पर था। उल्लेखनीय है कि शनिवार शाम नादिया जिले के कृष्णगंज विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के विधायक सत्यजीत विश्वास की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद से ही भाजपा इसे तृणमूल कांग्रेस की आपसी गुटबाजी का नतीजा बता रही है तो वहीं तृणमूल कांग्रेस इस मामले में भाजपा का हाथ बता रही है।