फिरोज आलम

कोलकाता। राज्य में जूट श्रमिकों की बेहाली के खिलाफ कई सूत्री मांगों के तहत राज्य की प्रायः सभी जूट मिल यूनियनों द्वारा बेमियादी हड़ताल की धमकी दी गई है। आज महानगर में आल सेंट्रल ट्रेड यूनियन (जूट) द्वारा एक मार्च से राज्य में बेमियादी हड़ताल का अह्वान किया गया है। इस दौरान नैशनल यूनियन आफ जूट वर्कर्स के राज्य सचिव शेख समद ने मीडिया कर्मियों के साथ बातचीत में उक्त जानकीरी देते हुए बताया कि आज राज्य की 21 जूट यूनियनों में तृणमूल की यूनियन को छोड़ कर 20 यूनियन इस हड़ताल में शामिल है।

जिनमें इंटक से लेकर बीएमएस, सीटू, नैशनल यूनियन आफ जूट वर्कर्स व अन्य है। शेख समद ने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में जूट श्रमिक बदहाली के शिकार हैं और इनके हित के लिये राज्य सरकार राहत के लिये किसी तरह की फौरी कदम नहीं उठा रही है। जूट मिलों की तमाम समस्याएं हैं और श्रमिक व प्रबंधन के बीच तालमेल नहीं बैठ पाने के कारण श्रमिकों की बदहाली बद से बदत्तर हो गई है। इन्हें बुनियादी सुविधाएं तक नसीब नहीं हो रही है।

ऐसे में एक मार्च से लगातार हड़ताल के अलावा हमारे पास कोई चारा नही बचा था। हमारी विभिन्न मांगों का जबतक समाधान नहीं होगा हम हड़ताल करते रहेगें। हड़ताल की धमकी देते हुए राज्य के पूर्व श्रममंत्री व सीटू नेता अनादी साहू, बीएमएस के नेता राम सुरज गिरी, इंटक नेता गणेश सरकार आदी ने कहा कि हमारी मुख्य मांग है कि श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये किये जाए।