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नई द‍िल्‍ली, 27 जनवरी 2020, (आरएनआई )। राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) प्रक्रिया पर रोक लगाने की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी करते हुए इस मामले में जवाब मांगा है। इस मामले की सुनवाई अब नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के साथ होगी। केंद्र सरकार ने पिछले साल दिसंबर में कैबिनेट में मुहर लगाते हुए NPR को मंजूरी दी थी। जिसमें घर-घर जाकर एक रजिस्टर तैयार किया जाएगा और दर्ज किया जाएगा कि कहां कौन रह रहा है।

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) पर रोक लगाने के लिए सोमवार को एक जनहित दायर की गई थी। इस जनहित याचिका में तर्क दिया गया कि आधार में डेटा की सिक्योरिटी की गारंटी है, लेकिन नागरिकता (नागरिकों का पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करना) नियमावली, 2003 के तहत इकट्ठा की जा रही जानकारी के दुरुपयोग से किसी भी सुरक्षा की गारंटी नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट में CAA के खिलाफ 143 याचिकाएं दर्ज हैं। पिछले सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने कहा था कि उसने अब तक 60 याचिकाओं के लिए जवाब तैयार किए है। सरकार की दलील थी कि सीएए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली उन याचिकाओं पर जवाब देने के लिए सरकार को समय चाहिए जो उसे अभी नहीं मिल पाई हैं। ऐसे में कोर्ट ने केंद्र सरकार सारी याचिकाओं पर जवाब देने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है। पांचवे हफ्ते में इस मामले की सुनवाई होगी।