नई दिल्ली, 8 मार्च (आरएनआई) | भारत ने 10 वर्ष की अवधि के लिए भारतीय नौसेना के लिए परमाणु क्षमता से संपन्न हमलावर पनडुब्बी पट्टे पर लेने के लिए रूस के साथ तीन अरब डॉलर का समझौता किया। दोनों देशों ने कई महीनों तक कीमतों और समझौते के विभिन्न पहलुओं पर बातचीत करने के बाद इस अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किये।

इस समझौते के तहत रूस अकुला वर्ग के पनडुब्बी को भारतीय नौसेना को 2025 तक सौंपेगा। उन्होंने बताया कि अकुला वर्ग पनडुब्बी को चक्र III नाम दिया गया है। यह भारतीय नौसेना को पट्टे पर दी जाने वाली तीसरी रूसी पनडुब्बी होगी। रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता से जब इस समझौते के बारे में पूछा गया तो उन्होंने प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इनकार कर दिया।

पहली रूसी परमाणु संचालित पनडुब्बी आईएनएस चक्र को तीन वर्ष की लीज पर 1988 में लिया गया था। दूसरी आईएनएस चक्र को लीज पर दस वर्षों की अवधि के लिए 2012 में हासिल किया गया था। चक्र II की लीज 2022 में समाप्त होगी और भारत लीज को बढ़ाने की ओर देख रहा है।

दोनों देशों के बीच यह डील ऐसे समय पर हुई है जब अमेरिका ने रूस से रक्षा उपकरणों की खरीद पर देशों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए हैं। इससे पहले अक्टूबर में भारत और रूस ने 5.4 बिलियन यानी (3 खरब 79 अरब 5 करोड़ 30 लाख रुपये) के एस-400 ट्रायम्फ मिसाइल सिस्टम के सौदे पर हस्ताक्षर किए थे।

इस सौदे में सीवरोडविंस्क में मोथबॉल की हुई परमाणु नाव, 10 सालों तक इसका निर्वाह और पुर्जे बनाने में सहायता करना, प्रशिक्षण और संचालन के लिए तकनीकी ढांचा शामिल है। यह पनडुब्बी आईएनएस चक्र की जगह लेगी। सूत्रों ने कहा, आईएनएस चक्र की मौजूदा लीज 2025 तक के लिए बढ़ा दी गई है ताकि इस समय तक उससे एडवांस और बड़ी पनडुब्बी को संचालित किया जा सके।