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दिल्ली: शाहीन बाग़ में पिछले एक महीने से हज़ारों महिलायें नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं, साथ ही धरने पर बैठीं हैं।

इस प्रदर्शन ने धीरे धीरे एक आंदोलन का रूप ले लिया है जिसको देखते हुये देश के अलग अलग राज्यों में महिलायें अपने घरों से निकलकर सड़कों पर उतर आईं हैं और इस क़ानून के ख़िलाफ अपनी आवाज़ बुलंद कर रही हैं। इसी तर्ज पर दिल्ली के खुरेजी इलाक़ें में हज़ारों महिलायें धरने पर बैठ गईं हैं।

धरने में शामिल इशरत जहां ने नया सवेरा से बात करते हुये कहा कि- धर्म के आधार पर नागरिकता देना ये संविधान के ख़िलाफ है, जिसको हम बिलकुल मानने के लिये तैयार नहीं हैं। इसके बाद जो एनआरसी की बात चल रही है वो सबसे ख़तरनाक है जो पूरे देश को प्रभाविता करता है।

वहीं इस आंदोलन में शामिल वक़ार चौधरी का कहना है कि यहां पर बैठीं महिलायें खुद घरों से निकलकर आईं हैं इसमें सभी मज़हब के लोग शामिल हैं। आगे उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ कहती है कि हम रात के 3 बजे भी आपके लिये तैयार हैं लेकिन जब पूरे देश के लोग सड़कों पर हैं तो उनका कोई नुमाईंदा भी बात करने नहीं आ रहा है।

इस प्रदर्शन को समर्थन करने आईं प्रवीन शर्मा ने कहा कि- हम महिलाओं के लिये आगे आयें हैं क्योंकि ये जो हो रहा है वो धीरे धीरे सबको प्रभावित करेगा, कल को ये लोग महिलाओं के खिलाफ भी कोई न कोई बिल लेके आयेगी। उनका कहना है कि ये लड़ाई किसी एक समुदाय की नहीं है बल्कि हर उस इंसान की है जो संविधान पर यकीन रखता है।