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नई दिल्ली, 13 जनवरी 2020, (आरएनआई )। जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्र दिल्ली पुलिस के खिलाफ एफआईर दर्ज किए जाने तक परीक्षा में शामिल नहीं होने की जिद्द पर अड़ गए हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर (वीसी) नजमा अख्तर के आश्वासनों को दरकिनार करते हुए आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। वीसी ने सुबह से ही बयान की मांग कर रहे छात्रों के बीच आकर कहा कि दिल्ली पुलिस के खिलाफ एफआईआर की प्रक्रिया कल (मंगलवार) से ही शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि एफआईआर नहीं की जा रही है, इसलिए गारंटी नहीं दी जा सकती है कि उनकी प्रक्रिया पर पुलिस क्या ऐक्शन लेगी। छात्रों का आक्रोश कम नहीं होता देख वीसी ने कहा कि परीक्षा की तारीखें नए सिरे से शेड्यूल की जाएंगी।

वीसी के इस बयान पर उन्हें घेरे स्टूडेंट्स हंगामा करने लगे और प्राथमिकी दर्ज नहीं होने तक परीक्षा में भाग नहीं लेने का ऐलान कर दिया। इससे पहले, यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स नागरिकता (संशोधन) कानून, 2019 के विरोध में प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के कैंपस में घुसने को लेकर वीसी के बयान की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। छात्र जानना चाहते थे कि दिल्ली पुलिस किससे पूछकर कैंपस में घुसी थी। इस पर वीसी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने परिसर में प्रवेश की अनुमति किसी से नहीं ली थी। वीसी ने छात्रों को समझाने की कोशिश की कि यूनिवर्सिटी कैंपस में पुलिस के प्रवेश की अनुमति उन्होंने नहीं दी थी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दिल्ली पुलिस के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटाखटाया जाएगा।

आक्रोशित छात्रों के हुजूम के बीच खड़ी वीसी को अपनी बात रखने में भी काफी मशक्कत हो रही थी। उन्होंने स्टूडेंट्स को समझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन छात्र बीच-बीच में हंगामा करते दिखे और पुलिस पर एफआईआर किए जाने तक धरने पर बैठे रहने की जिद्द पर अड़ गए। वीसी ने छात्रों को बताया कि कैंपस में सुरक्षा इंतजामों को दोगुना कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस बिन पूछे कैंपस में दाखिल हुई थी। छात्रों को पीटा गया। पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है। दिल्ली पुलिस के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।