इस बार का लोकसभा चुनाव बेहद दिलचस्प होता जा रहा है. सभी दलों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली है. इसके साथ ही चुनाव प्रचार में जुटे हैं. असली खेल तो स्टार प्रचारकों का है. ये नेता सीमित समूह को प्रभावित करने की ही क्षमता रखते हैं. आइए देखते है किसकी कितनी पूछ हो रही इस लोकसभा चुनाव में।अगर एनडीए की बात करें तो इसमें राष्ट्रीय स्तर के स्टार प्रचारकों में सबसे अधिक मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के अलावा केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी की है. तो दूसरी तरफ कांग्रेस में सबसे ज्यादा मांग राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की है. साथ ही प्रियंका गांधी की भी बहुत मांग है लेकिन अब तक उनका बिहार में एक बात भी दौरा नहीं हुआ है।

गौरतलब है कि बिहार ने एनडीए के स्टार प्रचारकों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सबसे आगे चल रहे हैं लेकिन इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की मांग भी लगभग उनके जितनी ही है. बता दें कि दोनों नेताओं की मांग चार से अधिक सभाओं के लिए प्राय: सभी उम्मीदवारों ने की है. एक लोकसभा क्षेत्र में इन दोनों की सभाओं की औसत संख्या तीन-चार है. नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी प्रधानमंत्री के मंच के स्थायी वक्ता हैं. यह इनकी अतिरिक्त व्यस्तता है. इसके साथ ही एनडीए के उम्मीदवार लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान भी डिमांड में हैं।

आपको बता दें कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय और प्रदेश जदयू अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह की मांग खास समीकरण के वोटरों को रिझाने के लिए होती है, लेकिन एनडीए के तीसरे घटक लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस की मांग एकदम नहीं हो रही है. शायद इसलिए कि वे अच्छे वक्ता में शुमार नहीं किए जाते हैं। बात करें अगर महागठबंधन के घटक दलों की तो उनमें से राष्ट्रीय नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मांग सबसे अधिक है, जबकि प्रादेशिक नेताओं में विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को वास्तविक तौर पर स्टार प्रचारक का दर्जा हासिल है.

कांग्रेस के प्रदेश स्तरीय नेताओं की मांग नहीं के बराबर है. लेकिन अभी अभी बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए शत्रुघ्न सिन्हा का बाजार भाव कांग्रेस में ठीक चल रहा है. सिन्हा को पहली बार अपना चुनाव लडना पड़ रहा है. इसके पहले के उनके दोनों चुनाव भाजपा के कार्यकर्ता ही लड़ लेते थे. इस बार अपना चुनाव क्षेत्र उनसे अधिक समय की अपेक्षा कर रहा है।