पुलवामा हमले से ठीक पहले ईरान में एक आतंकवादी हमला हुआ जिसमें ईरानी सैनिकों की शहादत हुई.ईरान ने इस हमले को पाकिस्तान की साजिश करार दिया और कहा कि पाकिस्तान उन आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कदम उठाये जिन्होंने सीमा रेखा के पास ईरानी 27 रिवोल्यूशनरी गार्ड की हत्या कर दी.

बता दें कि अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहे ईरान ने पाकिस्तान से सीधे शब्दों में कहा कि वो या तो आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करे अन्यथा तेरहान आतंकियों को सबक सिखाने के लिए खुद सैन्य कदम उठाने को तैयार है. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर मेजर जनरल मोहम्मद अली जाफरी ने कहा कि अगर पाकिस्तान अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं करता है तो अंतर्राष्ट्रीय कानून के आधार पर आतंकियों को सज़ा देने के लिए जवाबी कार्रवाई की जाएगी.ईरान को अगर कम समझा जा रहा है तो यह नासमझी है.जाफरी ने जिहादी समूह जैश-अल-अद्ल की ओर इशारा करते हुए कहा कि पाकिस्तान सरकार जानती है कि ये जिहादी और इस्लाम के लिए खतरा बने लोग कहां है और इन्हें पाकिस्तान के सुरक्षा बलों का समर्थन हासिल है.

इस आतंकी हमले के बारे में ईरान के शिया मुस्लिम अधिकारियों का कहना है कि आतंकवादी समूह पाकिस्तान में सुरक्षित ठिकानों से काम करते हैं. पूर्व में ईरान ने अपने क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी देश सऊदी अरब पर आतंकवादी समूहों को समर्थन करने का आरोप लगाया.जिन्होंने उसके सुरक्षा बलों पर हमला किया है.

(हसन हैदर)