18 फरवरी 2007 में हरियाणा के पानीपत के नजदीक अटारी जा रही समझौता एक्‍सप्रेस में धमाका हुआ था। विस्फोट में 68 यात्री मारे गए थे, जिनमें से अधिकांश पाकिस्तानी थे। मामले में पंचकूल स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने इस महीने के शुरू में सभी चारो आरोपियों स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजिंदर चौधरी को बरी कर दिया था।

इस केस के फैसले की कॉपी सार्वजनिक होने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इस केस में आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला था, सिर्फ हिंदू समाज को कलंकित किया गया। अरूण जेटली ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि इसकी जिम्मेदार कांग्रेस और यूपीए है। कोई भी समाज इनको माफ नहीं करेगा। मासूमों की जान गई, लेकिन सही लोगों की जांच नहीं की गई।

अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस की अगुवाई में यूपीए कार्यकाल में जब कोई सबूत नहीं था, तब हिंदू आतंकवाद बोलकर, हिंदू समाज को कलंकित कर देना इतिहास में पहली बार हुआ। इस तरह के 3-4 मुकदमे बनाए गए, जिसमें से एक भी टिक नहीं पाया। राजनीतिक लाभ लेने के लिए कांग्रेस ने फर्जी थ्योरी बनाई और हिंदू आतंकवाद बोलकर पूरे हिंदू समाज को कलंकित किया गया। उन्हें पूरे समाज से माफी मांगनी चाहिए.