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नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के ख़िलाफ दिसंबर महीने में दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र एकजुट हुए थे। छात्रों ने शांति मार्च निकाला और फिर देखते ही देखते प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया।

पुलिस पर छात्रों से मारपीट, यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़, गाड़ियों में तोड़फोड़ और गोली चलाने का आरोप लगा। साथ ही ये भी आरोप लगा था कि पुलिस ने छात्रों पर फायरिंग की है लेकिन दिल्ली पुलिस इस बात से इंकार करती आ रही थी लेकिन अब पुलिस ने गोली चलाने की बात स्वीकार की है।

दिल्ली पुलिस ने माना है कि जामिया हिंसा के दौरान पुलिस ने हवाई फायरिंग की थी, जो वीडियो सामने आया था वो सही था वो मथुरा रोड का ही है। पुलिस का दावा है उसमें जो पुलिसकर्मी फायरिंग करते हुए दिख रहे हैं, वह अपने सेल्फ डिफेंस में हवाई फायरिंग कर रहे हैं क्योंकि वहां बहुत ज्यादा पथराव हो रहा था और पुलिसकर्मी चारों तरफ से घिर गए थे।

आपको बता दें कि सीएए के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह साफ कर चुके हैं कि यह कानून किसी भी सूरत में वापस नहीं होगा।