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लखनऊ, 26 जनवरी 2020, (आरएनआई )। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए नौ फरवरी तक ट्रस्ट का गठन हो जाएगा और तीन महीने के भीतर मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। विपक्ष पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति की दुकानें बंद होने का खतरा देख ये कुछ लोगों को भ्रमित कराकर सीएए का विरोध करा रहे हैं। सरकार प्रदर्शनों से दबाव में नहीं आने वाली। जिन्होंने विरोध-प्रदर्शन में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, उनसे हर हाल में वसूली होगी। नहीं देंगे तो कुर्की भी होगी।

मुख्यमंत्री शनिवार को लखनऊ में एक कार्यक्रम में सवालों के जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी को अध्यात्म की जानकारी नहीं है। वैसे भी इटली व भारत की संस्कृति में अंतर है। विपक्ष ‘भगवा’ समझ सके, इसीलिए ‘तानाजी’ फिल्म को टैक्स फ्री किया है। योगी ने दावा किया कि प्रदेश में 2022 में फिर तीन चौथाई बहुमत से भाजपा की सरकार बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, भाजपा सरकार के फैसलों पर संविधान की अनदेखी का सवाल वही उठा रहे हैं जो देश विभाजन के दोषी हैं। जिन्होंने योजनाएं लागू करने से लेकर फैसले करने तक में मजहब व जाति देखी। हमने गरीबों को प्राथमिकता दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग हिंसा और उपद्रव करके फैसलों को बदलवाने का सपना देख रहे हैं, वे भ्रम में हैं। शांतिपूर्ण विरोध स्वीकार होगा, लेकिन हिंसा और आगजनी को एकदम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपद्रवी यह न समझें कि उन्हें मुख्यमंत्री आवास बुलाकर माल्यार्पण कर स्वागत किया जाएगा और समझाया जाएगा। इस सरकार में उन्हें सबक सिखाया जाएगा।

एक सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में मंदिर निर्माण की तैयारियां चल रही हैं। राम मंदिर के लिए एक व्यक्ति से सिर्फ 10 रुपये ही सहयोग लिया जाएगा। प्र्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में ‘श्रीराम मंदिर’ निर्माण के जरिये ‘राष्ट्र मंदिर’ बनाना चाहते हैं।

देश पर 800 वर्षों से अपने पूर्वजों का शासन होने के ओवैसी के बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छा होगा कि ज्यादा न बोलें। भारत सनातन काल से सनातन संस्कृति का अनुयायी है। हमारे पूर्वजों ने ही सबको शरण दी। अभी इतनी गलतियां सुधारी हैं, उस पर तो इतना बौखला गए हैं। अगर और गलतियां सुधारेंगे तो इन लोगों के चेहरे और बेनकाब होने लगेंगे।