नई दिल्ली, 11 अप्रैल | लोकसभा चुनाव के पहले चरण में बृहस्पतिवार को 20 राज्यों की 91 लोकसभा सीटों पर मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।कुछ मतदान केंद्रों से छिटपुट नोकझोंक की खबरें आई हैं। लेकिन कुल मिलाकर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। ओडिशा के मलकानगिरी जिले में चित्रकोंडा क्षेत्र के 6 मतदान केंद्रों पर वोट नहीं डाले गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “नक्सली हमले की संभावना को देखते हुए चित्रकोंडा के 6 बूथों पर वोटिंग प्रक्रिया नहीं हुई।”

शाम के 6 बजते ही सभी मतदान केंद्रों पर वोट डालने की प्रक्रिया खत्म हो गई, हालांकि इस दौरान जितने मतदाता कतार में खड़े हैं वो अपना वोट डाल सकेंगे। वहीं दूसरी ओर कुल मतदान प्रतिशत का आंकड़ा अभी चुनाव आयोग की तरफ से जारी नहीं किया गया है।

चुनाव आयोग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक पहले चरण में छत्तीसगढ़ की बस्तर सीट पर सुबह नौ बजे मतदान शुरु होने के बाद दो घंटे में 21.1 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। उल्लेखीय है कि पहले चरण में राज्य की सिर्फ बस्तर सीट पर मतदान हो रहा है। बस्तर के दंतेवाड़ा क्षेत्र में मंगलवार को नक्सली हमले में स्थानीय भाजपा विधायक भीमा मंडावी सहित पांच लोगों की मौत हो गयी थी।

लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण के तहत बृहस्पतिवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आठ सीटों पर शाम पांच बजे तक 59.77 फीसदी मतदान होने की खबर है। उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ। शाम पांच बजे तक सहारनपुर में 63.76 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि गाजियाबाद में 55.20 प्रतिशत, मुजफ्फरनगर में 60. 80 प्रतिशत, बिजनौर में 60.60 प्रतिशत, कैराना में 60. 00 प्रतिशत, मेरठ में 59.40 प्रतिशत,गौतमबुद्ध नगर में 58.00 प्रतिशत तथा बागपत में 60.40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। राज्य निर्वाचन कार्यालय के बयान के मुताबिक मतदान पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा। वोट शाम छह बजे तक डाले गए। इस चरण के लिए कुल 6,716 मतदान केंद्र और 16581 मतदेय स्थल बनाए गए थे।

पहले चरण में बिहार की 4 सीटों पर सुबह सात बजे मतदान शुरु होने के बाद 3 बजे तक 38 से 44 प्रतिशत तक मतदान हुआ। औरंगाबाद सीट पर 49.50 प्रतिशत, गया में 48.66 प्रतिशत, नवादा में 49 और जमुई में 54 प्रतिशत मतदान हुआ।

शाम 5 बजे तक हुये मतदान के प्राप्त आंकड़ों के अनुसार तेलंगाना में 60.57 प्रतिशत, मेघालय में 62 प्रतिशत, मणिपुर में 78.20 प्रतिशत, लक्षद्वीप में 65.9 प्रतिशत और असम में 68 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

दोपहर 3 बजे तक हुये मतदान के प्राप्त आंकड़ों के अनुसार नगालैंड में 68 प्रतिशत, मणिपुर में 53.44 प्रतिशत, सिक्किम में 55 प्रतिशत,मिजोरम में 55.19 प्रतिशत, मेघालय में 55 प्रतिशत और अरुणाचल प्रदेश में 50.87 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे।

वहीं जम्मू-कश्मीर में 46.17 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल की दो सीटों कूचबिहार और अलीपुरद्वा पर 68 प्रतिशत, उत्तराखंड में 27 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में 55 प्रतिशत, जबकि तेलंगाना में 38.8 प्रतिशत मतदान की खबर है।

इस बीच महाराष्ट्र में मतदान के शुरुआती घंटों में मतदान का स्तर तुलनात्मक रूप से थोड़ा कम रहा, लेकिन धूप चढ़ने के साथ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ देखी गई। महाराष्ट्र की सात सीटों पर 3 बजे तक 46.13 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। राज्य की रामटेक सीट पर सबसे कम 9.28 प्रतिशत और नागपुर सीट पर 17.56 प्रतिशत मतदान हुआ। नागपुर सीट से केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी और कांग्रेस के नाना पटोले चुनाव मैदान में हैं।

कांग्रेस ने महाराष्ट्र के छह लोकसभा क्षेत्रों जहां गुरुवार को मतदान चल रहा है वहां के कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम में “गड़बड़ी” से संबंधित 39 शिकायतें निर्वाचन आयोग के समक्ष दर्ज कराई हैं। पार्टी ने यह जानकारी दी। प्रदेश कांग्रेस ने एक बयान में कहा कि उसने नागपुर में कुछ बूथों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी संबंधी 12 शिकायतें ईमेल के जरिये चुनाव आयोग से की हैं। इसके अलावा चंद्रपुर में आठ, वर्धा में छह और रामटेक में पांच ईवीएम में गड़बड़ी संबंधी शिकायत आयोग से की गई है।

पार्टी ने यवतमाल-वाशिम और गढ़चिरौली-चिमूर सीटों पर भी ऐसी ही गड़बड़ी की चार शिकायतें की हैं। इन छह लोकसभा क्षेत्रों के अलावा विदर्भ क्षेत्र की भंडारा-गोंदिया सीट के लिये भी लोकसभा चुनावों के पहले चरण में गुरुवार को मतदान हो रहा है। नागपुर संसदीय क्षेत्र में इवीएम के सही काम न करने को लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को अलग से भेजे एक पत्र में कांग्रेस ने कहा कि यह “कृत्य” स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों में “हस्तक्षेप” है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी ने गुरुवार को प्रथम चरण के मतदान में वर्दीधारी कर्मी द्वारा लोगों को भाजपा को वोट देने के लिए मजबूर करने, ईवीएम में कांग्रेस के बटन के काम ना करने सहित अन्य गड़बड़ियों के आरोप लगाए। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने ट्विटर पर एक वीडियो साझा किया जिसमें मतदाता भाजपा विरोधी नारे लगाते दिख रहे हैं क्योंकि बीएसएफ ने भाजपा को वोट नहीं देने पर उनसे बदसलूकी की थी। उन्होंने लिखा, जम्मू में एक मतदान केन्द्र पर एक व्यक्ति के साथ बीएसएफ ने हाथापाई की क्योंकि उसने भाजपा को वोट देने से मना कर दिया था। मतदान केंद्रों पर सशस्त्र बलों का उपयोग कर लोगों को भाजपा को वोट देने के लिए मजबूर करना, सत्ता की भूख और उनकी हताशा को दर्शाता है…चाहे इसके लिए जो भी करना पड़े।”

नेशनल कॉन्फ्रेंस के जम्मू प्रांतीय अध्यक्ष दविंदर सिंह राणा ने भी मामले में शिकायत दर्ज कराई। उनके अनुसार पुंछ के अराई मलका इलाके में एक वर्दीधारी कर्मी ने मतदाताओं को भाजपा को वोट देने के लिए मजबूर किया। उन्होंने बताया कि मतदाताओं की शिकायत के बाद एक स्थानीय प्रशासन अधिकारी ने मौके पर पहुंच उस वर्दीधारी कर्मी को वहां से हटा दिया। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने भी एक पीठासीन अधिकारी की वीडियो पोस्ट की जिसमें वह पुंछ इलाके में एक ईवीएम बटन के खराब होने की जानकारी दे रहा है। अधिकारी ने पुंछ जिले में मतदान कुछ देर के लिए रुक जाने की जानकारी देते हुए उसके जल्द ठीक होने का आश्वासन दिया। कौन सा बटन काम नहीं कर रहा है यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा, हाथ का बटन।” हाथ कांग्रेस का चुनाव चिह्न है।