सुपौल, 24 सितंबर 2019, (आरएनआई)। कुषहा त्रासदी को बीते ग्यारह साल हो गये हैं पर आज भी लोग त्रासदी के दंश को झेलने पर मजबूर हैं , दरअसल त्रासदी के दौरान कोशी ने कई आलग अलग अलग धाराएं बना दी जो अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है , ये तस्वीर छातापूर प्रखंड के लक्ष्मीनियाँ पंचायत वार्ड -4 महादेवपट्टी गांव की है जहां 2008 मे आए प्रलय कारी बाढ़ ने गेड़ा नदी के पुराने धारा को खत्म कर नयी धारा बना दी जिसमें कई जगह बड़े बड़े गढ़े बन गये हैं और उसमें अथाह पानी सालों भर लगे रहते हैं ,

आलम ये है की गैड़ा नदी अब नया रुख ले लिया है जो महादेव पट्टी गांव से सट कर ना सिर्फ बहने लगी है बल्कि गांव पर आफत ला दिया है , नदी के तेज बहाव अब गांव वालों के जमीन घर पेड़ आदि को अपने चपेट में लेने लगा है जिससे गांव वालों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गयी है , इस पीड़ा को झेल रहे गांव वालों का कहना है की वे लोग 2008 के बाद से ही इस परेशानी से जूझ रहे हैं पर कोई देखने वाला नहीं है कहा की स्थानीय मुखिया से लेकर अधिकारियों तक इस बात की गुहार लगायी गयी पर कोई इस दिशा में पहल करना मुनासिब नहीं समझा है , लिहाजा गांव वालों को इसका दंश झेलना पर रहा है खेत और घर वार पर खतरा मंडराने लगा है . ग्रामीणों का कहना है की सरकार द्वारा अगर इस को रोकने प्रयास नहि किया गया तो वे लोग धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हो जायेंगे।

कुणाल कुमार