मिर्जापुर,  प्रथम चरण के मतदान से पहले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पुलवामा के शहीदों के नाम पर वोट की अपील पर टिप्पणी करते हुए मीरजापुर लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी ललितेशपति त्रिपाठी ने कहा कि बीजेपी के लोग कहते हैं कि 1971 के भारत-पाक युद्ध का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी जी को दिया जाता है, तो प्रधानमंत्री जी श्रेय क्यों ना लें? ललितेशपति ने दोनों घटनाक्रमों की तुलना करते हुए कहा कि 1971 की जंग में पाकिस्तान के 91000 सैनिक अपने घुटनों के बल थे, यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी सेना द्वारा किया गया सबसे बड़ा सरेंडर था,इस युद्ध में पाकिस्तान का भूगोल बदल गया था फिर भी संसद में स्वर्गीय इंदिरा गांधी जी ने सिर्फ एक मिनट का भाषण दिया और सारा श्रेय सेना के मुखिया को दिया जबकि प्रधानमंत्री जी अपनी हर रैली में इसका प्रचार करते हैं, शहीदों की तस्वीरें लगवाकर जनसभा करते हैं और अब तो शहादत के नाम पर वोट मांग रहे हैं।एन0डी0ए0 की ओर से लोकसभा प्रत्याशी के बारे में उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री के बारे में अखबारों और मीडिया के माध्यम से जनता को मालूम पड़ता रहा कि वो जिले में पर्यटक की तरह आईं दर्शन किया और चलीं गईं. इसी तरह समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन है यह दोनों प्रदेश के बड़े दल हैं जिन्होंने राज्य में लंबे समय तक शासन किया है. लेकिन इन्हें जिले में एक भी योग्य व्यक्ति नहीं मिला जिसे उम्मीदवार बना सकें मतलब गठबंधन उम्मीदवार भी पर्यटक की तरह आये हैं दर्शन करेंगे और चले जाएंगे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत सरकार के स्वास्थ्य राज्य मंत्री के संसदीय क्षेत्र मीरजापुर का हाल यह है कि प्राथमिक अस्पतालों पर डॉक्टर नहीं हैं,जिला अस्पताल में सिटी स्कैन,एमआरआई तो दूर की बात एक्सरे की सुबिधा नही है कोई दुर्घटना ग्रस्त हो जाय तो उसे सोनभद्र या बनारस रेफर किया जाता है यह हाल तब है जब देश के तरक्की कर लेने की बात कही जारही है।ललितेशपति ने कहा कि 108 नम्बर एम्बुलेंस की मरम्मत तक नही हो पा रही है।आज मीरजापुर जिले से लेकर प्रदेश और देश तक एक ही पार्टी या गठबंधन की सरकार है इन्होंने दो पहियों वाली सरकार यानी केंद्र और राज्य में सरकार का सपना दिखाकर वोट मांगा की विकास होगा।कांग्रेस प्रत्याशी मड़िहान बिधानसभा के पूर्व विधायक ललितेशपति त्रिपाठी ने पूछा कि जनपद में एक भी उद्योग लगा? नए उद्योग लगने की बात तो दूर बैंड पड़े उद्योग भी नहीं शुरू कराये गए,लघु और कुटीर उद्योग नोटबन्दी और जीएसटी की मार से तबाही की कगार पर पहुंच गए फिर चाहे कालीन उद्योग हो या चुनार का पाटरी उद्योग सब इसके शिकार हुए।उन्होंने मीरजापुर की ओर से पूछा कि केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री जी ने जनपद को क्या दिया?