मुजफ्फरपुर , 30 मई (आरएनआई) | प्रधान सचिव, श्रम संसाधन विभाग सह प्रभारी सचिव, दीपक कुमार सिंह ने समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में सूखे एवं जल संकट की स्थिति को लेकर एक समीक्षात्मक बैठक की. समीक्षा में बढ़ती तपिश के कारण घटते जल स्तर के मद्देनजर आम आदमी के पेयजल से संबंधित किसी भी तरह के समस्या के निराकरण का निर्देश प्रधान सचिव द्वारा सभी पदाधिकारियो को दिया गया. इसके पूर्व जिलाधिकारी ने सुखाड़ और जल संकट को लेकर की जा रही तैयारियो के बारे में सचिव महोदय को अवगत कराया. बैठक में कार्यपालक अभियंता पी एच इ डी के द्वारा बताया गया कि सुखाड़ से प्रभावित पंचायतो की संख्या 18 है जिसके अंतर्गत प्रभावित कुल वार्ड 176 है. बताया गया कि कुल चालू चापाकलों की संख्या 821 है. जबकि कुल कार्यरत टैंकरों की संख्या 16 है. वही अपर नगर आयुक्त द्वारा बताया गया कि मुजफ्फरपुर नगर निगम अंतर्गत कुल 27 ऊंच प्रवाही बोरिंग है जिसमे 26 बोरिंग से नियमित जलापूर्ति की जा रही है।जबकि निगम के अंतर्गत 13 वाटर टैंकर चालू एवं कार्यरत अवस्था मे है. बताया गया कि आवश्यकता अनुसार 20 नया स्टील टैंकर खरीदने की कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने बताया कि कुल कार्यरत जलापूर्ति हेतु स्टेट पोस्ट की संख्या 950 है. वही कृषि पदाधिकारी ने बताया कि वितीय वर्ष 2019-20 के लिए धान का विचड़ा का लक्ष्य 13000 हेक्टेयर है वही धान की रोपाई का लक्ष्य 130000 हेक्टेयर हैं. जबकि मक्का का लक्ष्य 15000 हेक्टेयर है।

बैठक में मत्स्य पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले में कुल जलकरो की संख्या 15632 है जिसमे 738 सूखे जलकर है. प्रधान सचिव ने सभी जलकरो की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया साथ ही उन्होंने कहा कि जो जलकर कब्जे में है उन्हें सख्ती के साथ इंक्रोचमेंट से मुक्त करावे. प्रधान सचिव ने कहा कि आगामी 3 सप्ताह तक काफी गर्मी पड़ने की संभावना है. जल संकट और सूखे से निपटने की अग्रिम योजनाओं के क्रियान्वयन में कोताही न बरतें. उन्होंने निर्देश दिया कि वार्ड वार एवं ग्रामीण स्तर पर इस संकट का समाधान करे तथा नगर निगम भी अपने उत्तरदायित्वो के निर्वहन में तेजी लाये ताकि ग्रामीण एवं शहरी दोनों ही क्षेत्रो में समस्याओं का निराकरण हो सके।उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय एवं ताल मेल के साथ काम करे. वही अपर समाहर्ता आपदा द्वारा बताया गया कि सूखे और जलसंकट से निपटने के लिए नियमित तौर पर कार्य किये जा रहे है.

उन्होंने बताया कि जिला आपात कालीन संचालन केंद्र द्वारा पंचायतो से वार्ता कर जल संकट समस्या को चिन्हित करते हुए निराकरण हेतु आवश्यक कदम उठाए जा रहे है. इसके लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है जिसका दूरभाष no 0621-2212007 है. उनके द्वारा बताया गया कि जन जागरूकता हेतु आवश्यक कदम उठाए जा रहे है तथा सभी विभागों से समन्वय स्थापित कर कार्य कराया जा रहा है. बैठक में उप विकास आयुक्त के साथ सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.