सुलतानपुर, 10 अप्रैल  सहकारी चीनी मिल सुल्तानपुर में लालफीताशाही के कारण अव्यस्थाओं का बोलबाला है। बार-बार बंद हो जा रही मिल की वजह से किसान परेशान हैं। अपनी गन्ने की फसल तौल कराने में किसानों के पसीने छूट जा रहे हैं। गत शुक्रवार की सुबह अचानक मिल बन्द हुई तो तकनीकी खराबी का हवाला देकर मिल प्रशासन ने गन्ना किसानों को बिना किसी पूर्व सूचना के उसे सफाई में ले लिया। जिससे सैकड़ो ट्राली गन्ना कड़कती धूप में सूख कर बर्बाद हो रहा है। इतना ही नही किसानों के जले पर नमक छिड़कते हुए मुख्य गन्ना अधिकारी की तरफ जारी नोटिस में किसानों की 6 अप्रैल तक जारी पर्चियों को निरस्त करने की बात कही गई है। जिससे गन्ना तैयार कर मिल पहुंचने वाले किसान तो परेशान ही हैं। वही जारी पर्चियों पर खेतों में गन्ने की कटाई करके रखे हुए किसानो की नींद उड़ी हुई है। रात में गन्ने की रखवाली करने वाले किसानों को मिल प्रशासन की तरफ से सहूलियतें भी नही मिल पा रही हैं। स्वच्छ पेयजल के लिए जहां किसानों को मिल से दूर जाना पड़ रहा है। वही शौच जाने मे भी सरकार का इज्जत घर वहा न होने से मिल मे अपने गन्ने की खरीद की आस लगाये किसानों को असुविधा हो रही है। लोकसभा का चुनाव सिर पर है। कई जगहों पर किसानों ने उम्मीदवारों से मिल की दुर्दशा को लेकर सवाल भी किये। लेकिन उन्हें आश्वासन के शिवाय कुछ हासिल नही हुआ। शुक्रवार से बन्द पड़ी मिल के बारे में जानकारी के लिए प्रधान प्रबन्धक व मुख्य गन्ना अधिकारी के पास फोन मिलाया गया। लेकिन सवालों के जवाब देने से बचने के लिए किसी ने फोन नही उठाया। वही जिला गन्ना अधिकारी के नंबर पर बात करने के लिए काफी प्रयास किया गया। लेकिन उनका नम्बर ही नही मिला। चीफ केमिस्ट ए.के.सोनकर से जब इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने रविवार तक मिल के चल जाने की बात बताई है।