कोलकाता। एक तरह से महानगर कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार की परेशानी बढ़ती हुई लग रही है। करोड़ों रुपये के सारदा चिट फंड घोटाले के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आज कोलकाता के पुलिस अधिकारी प्रभाकर नाथ से पूछताछ की। सीबीआई के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। नाथ इस मामले की जांच करने वाले पहले अधिकारी थे। वह पूछताछ के लिए यहां सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित सीबीआई कार्यालय में प्रस्तुत हुए और लगभग एक घंटे तक रहे।

प्रभाकर राज्य सरकार के उस विशेष जांच दल (एसआईटी) के जांच अधिकारी थे जिसने सबसे पहले सारदा चिटफंड घोटाला मामले की जांच की थी। 2013 में पश्चिम बंगाल सरकार ने सबसे पहले विशेष जांच दल एसआईटी का गठन किया था जिसका नेतृत्व तत्कालीन बिधाननगर पुलिस आयुक्त राजीव कुमार ने किया था और प्रभाकर नाथ चिटफंड मामले के जांच अधिकारी बनाए गए थे। आज सुबह 11:00 बजे से सीबीआई की टीम ने उनसे पूछताछ शुरू की थी ।

उनका बयान रिकॉर्ड किया गया है। वही जांच एजेंसी के विश्वस्त सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस मामले में आरोपित राजीव कुमार सीबीआई के नोटिस को दरकिनार कर दे रहे हैं। वह पूछताछ में भी सहयोग नहीं कर रहे हैं और ना ही जांच में। इसलिए उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए उनके खिलाफ साक्ष्यों को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रभाकर नाथ से पूछताछ की गई है। उनके बयानों का विश्लेषण कर उसमें से सामने आए तथ्यों को राजीव कुमार और मामले में अन्य आरोपितों के खिलाफ घेराबंदी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।