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वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित गिरिराज किशोर का रविवार सुबह कानपुर में उनके आवास पर 83 वर्ष में निधन हो गया। उनके निधन से साहित्य के क्षेत्र में शोक की लहर छा गई।

गिरिराज किशोर के परिवारिक सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने अपना देह दान किया है इसलिए सोमवार को सुबह 10:00 बजे उनका अंतिम संस्कार होगा, उनके परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है।

गौरतलब हो कि गिरिराज किशोर हिंदी के प्रसिद्ध उपन्यासकार होने के साथ एक कथाकार, नाटककार और आलोचक भी थे। इनको 1992 में ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’ से सम्मानित कर दिया गया था।