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चंद्रपुर 22 फरवरी। चंद्रपुर पुलिस ने तंबाकू के खतरे से निपटने के लिए सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) 2003 को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है। इसके  लिए चन्द्रपुर जिले के पुलिस अधिकारियों को  एक रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान शनिवार को तंबाकू के मुद्दे पर संवेदीकृत किया गया। इस कार्यक्रम  का  आयोजन चंद्रपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत खैरे द्वारा टाटा ट्रस्ट के समर्थन और संबंध  हेल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) तथा चंद्रपुर केंसर केयर फाउंडेशन के सहयोग किया गया। तंबाकू का सेवन सबसे खतरनाक माना गया है, रिसर्च में भी सामने आया है कि तंबाकू सेवन करने वाले हर तीसरे व्यक्ति की समय से पहले मृत्यु हो जाती है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत खैरे ने कहा, “हमें केाटपा के इस रिफ्रेशर प्रशिक्षण से जवानों व अधिकारियों को तकनीकी रुप से लाभ होगा। इस कार्यक्रम से पुलिस में इसके प्रावधानों को लागू करने में आत्म विश्वास महसूस होता है। हम  अपनी युवा और भावी पीढ़ी की तंबाकू जैसे उत्पादों से रक्षा करने के लिए केाटपा के प्रावधानों के उल्लंघन करने के खिलाफ  अपनी कार्रवाई करना जारी रखेंगे।”
 ज्ञातव्य है कि केाटपा सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, प्रत्यक्ष/ अप्रत्यक्ष  रूप से तंबाकू उत्पादों का विज्ञापन और प्रचार, नाबालिगों को  तंबाकू  उत्पादों की बिक्री / स्कूलों के 100 गज के भीतर बिक्री और वैधानिक चेतावनियों के बिना तंबाकू-उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाता है। इसे वर्तमान में महाराष्ट्र के कई जिलों में लागू किया जा रहा है।
हैड नेक सर्जन और वॉयस ऑफ टोबैको विक्टिम्स (वीओटीवी) के संरक्षक डॉं. प्रणव इंगोले  ने कहा, “तंबाकू का उपयोग /सेवन मृत्यु के 6 से 8 प्रमुख कारणों और गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) का लगभग 40 प्रतिशत प्रमुख का जोखिम कारक है। सभी प्रकार के कैंसर के 50 प्रतिशत और 90 प्रतिशत मौखिक कैंसर तम्बाकू के कारण होते हैं। 529 से अधिक बच्चे प्रतिदिन तम्बाकू का उपयोग शुरू करते हैं। स्कूलों के पास तम्बाकू तक पहुँच को कम करके बच्चों के जीवन बचाने के लिए केाटपा के तहत कार्रवाई शुरू करने के लिए चंद्रपुर पुलिस का यह कदम सराहनीय है।
 इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शेखर देशमुख, गृह (पुलिस उप अधीक्षक), पी.टी.ईर्कुरे, एपीआई, आशीष सुपासे इत्यादि ने भी भाग लिया।