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हैदरगढ़, बाराबंकी, यूपी/05-01-2020
उत्तर प्रदेश का बाराबंकी ज़िला शुरू से ही समाजवादी पार्टी के लिए राजनैतिक द्रष्टि से सुखदायक रहा है। ज़िले की हैदरगढ़ विधान सभा, जो कि सुरक्षित सीट है, पर भी सपा का क़ब्ज़ा रहा है। बीते कुछ वर्षों से वहां की राजनैतिक दशा में एक बड़ा बदलाव आया है। इस बदलाव ने साइकिल की रफ़्तार काफी मद्धिम कर दी है। उस के दो मुख्य कारण रहे हैं। एक तो राज्य और केंद्र में सरकार का ना होना और दूसरा राजनैतिक नेतृत्व में समयानुसार बदलाव ना करना। एक ही नेतृत्व के सहारे बरसों बरस नहीं चला जा सकता। नई पीढ़ी में नया जोश और नई उम्मीद के साथ नए सपने हैं कुछ कर दिखाने के ख़ुद की क्षमता को साबित करने के।

इस बदलते परिद्रश्य में गौतम रावत एक ऐसा नाम सामने आ रहा है जो शायद इस नए नेतृत्व के कार्यभार को संभालने के लिए भरसक प्रयास करने को तैयार है। आप को बता दें कि जब से समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव ने नेतृत्व संभाला है ज़मीन पर युवाओं में एक नया जोश आया है। ऐसा नहीं है कि अनुभवी लोगों को किनारे कर दिया गया है लेकिन ज़मीन पर उतर कर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर युवाओं को मिल रहा है।

अभी चुनाव में दो साल बाकी है लेकिन सपा का यह नौजवान सिपाही जिस तरह विधान सभा में जनता के बीच अपनी उपस्थिति दिखा रहा है वो एक नए नेतृत्व का स्पष्ट इशारा है। वरना आज की राजनीति में उम्मीदवार एक माह पहले थोप दिए जाते हैं।
रास्ता आसान नहीं लेकिन चुनौतियों का सामना किये बग़ैर मंज़िल नहीं मिलती।
रिपोर्ट: अकरम शेख (लखनऊ