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नई दिल्ली, 18 जनवरी 2020, (आरएनआई )। दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून(सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन का आज 34वां दिन है। एक ओर जहां ये प्रदर्शन पूरे देश में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के लिए मिसाल बन रहा है, वहीं इसकी वजह से लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी को लेकर 35 छात्रों ने हाईकोर्ट में शाहीन बाग प्रदर्शन के खिलाफ याचिका डाली है। याचिका में कहा गया है कि प्रदर्शन के चलते बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में काफी परेशानी आ रही है।

बच्चों की इस याचिका पर फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि कालिंदी कुंज-शाहीन बाग का जो रास्ता बंद है, पुलिस उस पर ध्यान देकर एक्शन ले ताकि छात्रों को परेशानी न हो। जस्टिस नवीन चावला ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस को निर्देश दिया है कि सरिता विहार रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन बातों पर गौर करे और उसका समाधान करें।

फेडरेशन ने अदालत में याचिका डालकर कहा है कि बहुत से छात्र जो कालिंदी कुंज-शाहीन बाग रास्ते से होकर बोर्ड परीक्षा के लिए जाएंगे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा क्योंकि ये रास्ता 15 दिसंबर से बंद है।

वकील अमरेश माथुर के जरिए दाखिल की गई इस याचिका में कहा गया है कि दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा फरवरी और मार्च में होगी। ऐसे में सड़क नंबर 13 के बंद होने से मथुरा रोड पर भारी जाम लगता है जिससे छात्रों को स्कूल पहुंचने में देर होती है, ऐसे में छात्रों का भविष्य दांव पर लग सकता है।

याचिका में ये भी कहा गया है कि मार्ग 13 एक बहुत महत्वपूर्ण रास्ता है जो हजारों लोगों को गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा और उससे भी आगे जाने के लिए सहायक है। मल्टी स्पेशेलिटी अपोलो अस्पताल भी इस रास्ते पर है जो मरीजों के साथ ही डॉक्टरों द्वारा भी इस्तेमाल होता है।

याचिका में ये भी कहा गया है कि, इस रास्ते पर कई स्कूल, कॉलेज और इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट संस्थान जैसे एमिटी, गलगोटिया स्थित हैं और इनमें पढ़ने वाले छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

याचिकाकर्ता की सभी दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि पुलिस को निर्देश दिया है कि सभी जरूरी कदम उठाए, जिससे रोड नंबर 13 पर वाहनों का आवागमन सुचारू से शुरू हो सके, जो सरिता विहार, जसोला से कालिंदी कुंज होते हुए नोएडा और दिल्ली जाने वाला रास्ता है।