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नई दिल्ली, 6 फरवरी 2020, (आरएनआई )। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा को संबोधित किया। लोकसभा में अभिभाषण पर संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के कामों को गिनाया और कांग्रेस पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि देश के चुनौतियों को नजरअंदाज भी किया गया। अगर आज हम चुनौतियों को चुनौती नहीं देते तो शायद देश को अनेक समस्याओं से लंबा लड़ना पड़ता। अगर कांग्रेस के रास्ते चलते शत्रु सम्पति कानून, बेनामी कानून, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नहीं बना पाते।

पीएम मोदी ने कही कि हम भी आप लोगों के रास्ते पर चलते, तो शायद 70 साल के बाद भी इस देश से अनुच्छेद 370 नहीं हटता, आपके ही तौर तरीके से चलते, तो मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की तलवार आज भी डराती। आपकी ही सोच के साथ चलते तो राम जन्मभूमि आज भी विवादों में रहती। आपकी ही सोच अगर होती, तो करतापुर साहिब कोरिडोर कभी नहीं बन पाता। आपके ही के तरीके होते, आपका ही रास्ता होता, तो भारत-बांग्लादेश विवाद कभी नहीं सुलझता।

कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अगर कांग्रेस के रास्ते हम चलते ,तो 50 साल बाद भी शत्रु संपत्ति कानून का इंतजार देश को करते रहना पड़ता। 35 साल बाद भी नेक्स्ट जनरेशन लड़ाकू विमान का इंतजार देश को करते रहना पड़ता। 28 साल बाद भी बेनामी संपत्ति कानून लागू नहीं हो पाता।

लोकसभा में पीएम मोदी ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना उनके एक बयान का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि मैंने कांग्रेस के एक नेता का कल वक्तव्य सुना कि 6 महीने में मोदी को डंडे मारेंगे। ये काम थोड़ा कठिन है, तो तैयारी में 6 महीने लगते ही हैं। मैंने भी तय किया है कि 6 महीने में सूर्य नमस्कार की संख्या बढ़ा दूंगा। 20 साल से मैंने जिस प्रकार से गंदी गाली सुनकर खुद को गालीप्रूफ बना दिया है तो, 6 महीने ऐसी मेहनत करूंगा की मेरी पीठ को हर डंडा सहने की ताकत मिले। राहुल पर तंज कसते हुए कहा कि 35 मिनट से बोल रहा हूं लेकिन अब जाकर करंट लगा है।

कोई इस बात से इंकार नहीं कर सकता कि देश चुनौतियों से लोहा लेने के लिए हर पल कोशिश करता रहा है। कभी कभी चुनौतियों की तरफ न देखने की आदतें भी देश ने देखी है, चुनौतियों को चुनने का सामर्थ्य नहीं, ऐसे लोगों को भी देखा है। लेकिन आज दुनिया की भारत से जो अपेक्षा है, हम अगर चुनौतियों को चुनौती नहीं देते, अगर हम हिम्मत नहीं दिखाते और अगर हम सबको साथ लेकर चलने की गति नहीं दिखाते तो हमें लंबे अरसे तक समस्याओं से जूझना होता।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने जिस तेज गति से काम किया है, उसका परिणाम है कि देश की जनता ने इसे देखा और देखने के बाद, उसी तेज गति से आगे बढ़ने के लिए हमें फिर से सेवा का मौका दिया। अगर ये तेज गति न होती तो 37 करोड़ लोगों के बैंक अकाउंट इतनी जल्दी नहीं खुलते। अगर गति तेज न होती तो 11 करोड़ लोगों के घरों में शौचालय न बनते। 13 करोड़ गरीब लोगों के घर में गैस का चूल्हा नहीं पहुंचता। 2 करोड़ नए घर गरीबों के लिए नहीं बनते। लंबे समय से अटकी दिल्ली की 1,700 कॉलोनियों को नियमित करने का काम पूरा न होता।

नॉर्थ ईस्ट में पिछले 5 वर्ष में जो दिल्ली उन्हें दूर लगती थी, आज वही दिल्ली उनके दरवाजे पर जाकर खड़ी हो गई है। चाहे बिजली की बात हो, रेल की बात हो, हवाई अड्डे की बात हो, मोबाइल कनेक्टिविटी की बात हो, ये सब करने का हमने प्रयास किया है। बोड़ो जनजाति की चर्चा में कहा कि ये कोई पहली बार नहीं हुआ। लेकिन पहले जो कुछ भी हुआ, राजनीति के तराजू से तौलकर किया, जो भी किया आधे-अधूरे मन से किया गया। पहले समझौते तो हुए, फोटो भी छप गई, लेकिन कागज पर किये समझौते से बोड़ो जनजाति के लोगों का भला नहीं हुआ।

इस बार के बोडो समझौते में सभी हथियारी ग्रुप साथ आए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात इसके agreement में लिखा है कि इसके बाद बोडो की कोई मांग बाकी नहीं रही है। आज नई सुबह भी आई है, नया सवेरा भी आया है, नया उजाला भी आया है।