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कोलकाता। राज्य में सियासी हिंसा के बीच आज मध्य कोलकता में भाजपाइ व पुलिस तब भिड़ गये जब संदेशखाली हिंसा सहित कई हत्याओं की घटना के खिलाफ प्रदेश भाजपा के कर्मी समर्थक जब सड़का पर उतरे। जैसे ही भाजपा के कर्मी समर्थक लाल बाजार अभियान के तहत बिपिन बिहारी स्ट्रीट से आगे सेंट्रल एवेन्यु पहुंचे वहां उन्हें पहले ही लैस हजारों की संख्या में पुलिस कर्मी तैनात मिले। पुलिस वालों के बैरीकेड़ को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे भाजपाइयों व पुलिस के बीच पहले धक्कम मुक्की व फिर देखते ही देखते खण्ड युद्ध शुरु हुआ। बेकाबू भाजपाइयों व उनके द्वारा किये पथराव को रोकने के क्रम में पुलिस ने आसूं गैस के गोले छोड़ने शुरु किया व फिर लाठी चार्ज का सहारा भी लिया।

वहीं पुलिस ने आन्दोंलन कर रही भगवा खेमे को रोकने के लिये वाटर कैनन का भी इस्तेमाल जमकर किया। खबर के लिखे जाने तक स्थिति का शिकार होकर प्रदेश भाजपा नेता राजू बनर्जी अस्वस्थ्य हों गये और एम्बूलेंस नहीं होने पर भाजपाइ ही उन्हें कंधे पर उठाकर अस्पताल ले गये व भर्ति किया। पुलिस ने इस दौरान लगभग 50 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया था। कुल मिला कर जब हालात बेकाबू हो गये तो नवनिर्वाचित सांसद व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने लाला बाजार अभियान को तुरंत ही स्थगित करने की घोषणा की। ऐसे में जुलूस लेकर कैलाश विजयवर्गीय , दिलीप घोष सहति अन्य नेता पार्टी दफ्तर के लिए रवाना हो गये। बताया गया कि भाजपा के दफ्तर में बैठक होगी उसके बाद आगे की रणनीति तय की जायेगी। इससे पहले सेंट्रल एवेन्यू में भाजपा के सड़क जाम अभियान के दौरान मुकुल राय अस्वस्थ हो गये, वहीं दूसरी ओर लालबाजार के फ़ियारसलेन के सामने हंगामे के बाद पार्टी की महिला समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में लिया।

बता दे कि प्रदर्शन करने वालों में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता भी शामिल रही। इधर अचानक ही पुलिस मुख्यालय के बाहर बीजेपी का झंडा लहराने वालीं 5 महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। बता दे कि आज दोपहर 1:30 बजे के करीब हजारों की संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता सुबोध मालिक स्क्वायर पर एकत्रित होकर लालबाजार पुलिस मुख्यालय की ओर कूच किया। इधर मीडिया कर्मियों के साथ बातचीत में दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरह पुलिस भी संवेदनाहीन हो गयी है। लोग शांति के साथ आगे बढ़ रहें थें लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि पुलिस कितना हिंसक हो गयी है कि पुलिस ने एस अहलुवालिया जैसे वरीय सांसद, भाजपा के वरीय नेता राहुल सिन्हा को निशाना बनाकर आंसू गैस के गोले छोड़े और बेहरमी से पुलिस ने बल के साथ ही लाठी का भी सहारा लिया।

दिलीप घोष ने कहा कि पार्टी तमाम कर्मी, समर्थक, नेता अस्वस्थ्य हो गये है। पार्टी हाई कमान के निर्देश के बाद ही आगे की रणनीति हम तय करगें। लेकिन सच तो यह है कि ममता बनर्जी का गुस्सा भाजपा शब्द सुनते ही भड़क जाता है और आंखे सिर पर आ जाती है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने सेंट्रेल एवेन्यु में कहा कि ममता दीदी आपको धिक्कार है।मै उन पुलिस अधिकारियों को चेता रहा हूं जिनके बल पर पुलिस ने जिस बेकाबूपन का रुप दिखाया उसका भुकतान उन्हें करना पड़ेगा। उक्त लोग जान ले कि अब और झाड़ू लगा कर काम नहीं चलेगा कारण ममता सरकार अब कुछ दिनों की ही मेहमान है। लालबाजार अभियान के दौरान मिली फौरी जानकारी के मुताबिक जहां दर्जनों की संख्या में भाजपाइ घायल हुए है वही कई पुलिसवालों को चोट भी लगी है। सनद रहे कि लालबाजार अभियान को लेकर महानगर में कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था की गयी थी। मध्य कोलकाता में लगभग तीन हजार पुलिस कर्मियों की तैनाती की गयी व जुलूस पर निगरानी के लिए ड्रोन की तैनाती की गयी ।

हर स्तर पर इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं पर कड़ी नजर रखी जा रही थी। शाम को कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के उकसावे पर कानून व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो गई है। यहां गुंडाराज चल रहा है और मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए पुलिस भी हमें लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल नहीं करने दे रही। उन्होंने कहा कि बर्बर तरीके से भाजपा कर्मियों को मारा पीटा गया है। इसके खिलाफ केंद्र सरकार और केंद्रीय नेतृत्व को रिपोर्ट भेजा जाएगा। दरअसल राज्य में कानून व्यवस्था की बदहाली का दावा करते हुए पार्टी की ओर से कोलकाता पुलिस मुख्यालय का घेराव करने की योजना बनाई गई थी।

आज सुबह से ही पुलिस मुख्यालय से करीब 300 मीटर की दूरी पर स्थित सुबोध मल्लिक स्क्वायर पर भाजपा कर्मियों का जमावड़ा होना शुरू हो गया था। हावड़ा और सियालदह स्टेशनों पर राज्य के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे भाजपा के हजारों कार्यकर्ता रैली करके सुबोध मल्लिक स्क्वायर पहुंचे थे। इधर पुलिस ने इन्हें रोकने के लिए लालबाजार से देर से 200 मीटर की दूरी पर बैरिकेडिंग कर त्रिस्तरीय घेरा बना दिया था। सामने की और अल्युमिनियम की बैरिकेडिंग की गई थी जबकि उसके पीछे तीन हजार पुलिसकर्मियों को अलग-अलग जगहों पर तैनात किया गया था। तीसरे नंबर पर वाटर केनन तथा आंसू गैस ब्रिगेड को तैनात किया गया था।