हरदोई, 7 मार्च 2020, (आरएनआई )। राजधानी से प्रकाशित दृष्टांत मैग्जीन के सम्पादक अनूप गुप्ता ने बताया है कि उप्र सरकार मे काबीना मन्त्री सतीश महाना के काले कारनामों का खुलासा क्या किया मन्त्री के गुर्गो ने इस पत्रकार को निपटाने कि प्रयास करते हुये वाहन से टक्कर मार कर सदा के लिये काम तमाम करने का प्रयास किया लेकिन भगवान ने इस पत्रकार की जान बचा दी।जब यह सब न हो सका तो इस भाजपा नेता ने अपने पद व रसूख का इस्तेमाल कर सरकार से एस आईटी जांच के आदेश करा दिये।जिसको लेकर मैगजीन के सम्पादक अनूप गुप्ता हाईकोर्ट गये। हाईकोर्ट ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुये इस पर सरकार से जबाब मागा है। ज्ञात हो कि गृह विभाग ने इस संबंध में पत्र जारी कर एसआईटी को जांच करने का निर्देश दिया था.

एसआईटी जाच को लेकर दृष्टांत के संपादक अनूप गुप्ता ने सरकार की तरफ से उन्हें प्रताडि़त करने की कार्रवाई मानते हुए हाई कोर्ट लखनऊ के दो सदस्यीय बेंच में याचिका दायर की थी. माननीय न्यायमूर्ति विकास कुंवर श्रीवास्तव एवं माननीय न्यायमूर्ति रीतू राज अवस्थी की दो सदस्यीय कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि एसआईटी के संदर्भ में 16 जून 2007 को जारी हुए जीओ में एसआईटी जांच की स्पष्ट व्याख्या की गई है. प्रार्थी के खिलाफ मौजूदा परिस्थितियों में एसआईटी जांच का कोई कारण नहीं बनता है. उन्होंने सरकार से एसआईटी जांच गठित करने के संदर्भ में जवाब मांगा है¬.

दृष्टांत की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सीबी पांडेय एवं सौरव यादव ने पक्ष रखा. उल्लेखनीय है कि दृष्टांत के खुलासे से नाराज प्रदेश सरकार के मंत्री सतीश महाना ने मानहानि का नोटिस भेजने की बजाय अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एसआईटी जांच के आदेश दिलवा दिये.