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नई दिल्ली, 26 सितंबर 2019, (आरएनआई)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि रॉबर्ट वाड्रा को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ किए जाने की आवश्यकता है क्योंकि पैसे के लेन-देन की कड़ियों से कथित रूप से उनका सीधा संबंध है। ईडी ने न्यायमूर्ति चंद्र शेखर के सामने कहा कि कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के दामाद वाड्रा अपने खिलाफ मनी लांड्रिंग मामले की जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

वाड्रा के वकील ने ईडी के दावों को खारिज करते हुए कहा कि एजेंसी जब कभी उनके मुवक्किल को बुलाती है, वह उसके सामने पेश होते हैं और उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है। वकील ने यह भी कहा कि ईडी ने जो प्रश्न किए, उनके मुवक्किल ने उनका उत्तर दिया और उन पर लगाए गए आरोपों को स्वीकार नहीं करने का यह अर्थ नहीं है कि वह सहयोग नहीं कर रहे हैं।

दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले पर अंतिम बहस के लिए पांच नवंबर की तिथि तय की। निचली अदालत ने वाड्रा को अग्रिम जमानत दे दी थी जिसे ईडी ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।

वाड्रा पर लंदन के 12, ब्रायनस्टन स्क्वायर स्थित 17 करोड़ रुपये की संपत्ति की खरीदारी में मनी लांड्रिंग का आरोप है।