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लखनऊ, 26 सितंबर 2019, (आरएनआई)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को राम मंदिर पर आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सतर्कता बरतने और थाने स्तर पर तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश बुधवार को लोकभवन में सभी जोन के अपर पुलिस महानिदेशकों के साथ समीक्षा बैठक में दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी अपना खुफिया तंत्र मजबूत करें। मंदिर पर फैसला आने के बाद जोश में होश खोने वालों और निराशा में कुछ करने वालों पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद अराजकता फैलाने का मौका ढूंढने वालों पर भी नजर रखने की जरूरत है। उन्होंने निर्देश दिया कि डिस्ट्रिक्ट मॉनिटरिंग कमेटी में तीन तलाक से संबंधित मामलों को लाकर उन्हें फास्ट ट्रैक कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला, रेंज और जोन के अधिकारियों को पुलिस व एसटीएफ जैसी एजेंसियों के साथ तालमेल से काम करना चाहिए। योगी ने साइबर थानों की संख्या बढ़ाने की जरूरत बताई तो डीजीपी ने कहा कि सभी जोनल मुख्यालय पर एक-एक साइबर थाना खोलने का प्रस्ताव है।

इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि थाने जोन नहीं रेंज स्तर पर खोले जाएं। फोरेंसिक लैब और साइबर थाने एक ही परिसर में बनाएं। योगी ने पुलिस कप्तानों की कार्य प्रणाली पर नजर रखने और कुछ गलत नजर आने पर रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाहन चेकिंग के दौरान लोगों को बेवजह परेशान करने की शिकायतें मिलीं है। नेपाल से सटे सीमावर्ती जिलों में गोतस्करी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण करें। थानेदारों की तैनाती मेरिट के आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी हर महीने कम से कम एक जिले में औचक निरीक्षण करें और थाना, पुलिस लाइन, बैरक और मालखाना की समग्र जानकारी लें।

योगी ने कहा कि प्रदेश के सभी नगर निगम क्षेत्रों में एकीकृत ट्रैफिक कमांड सेंटर शुरू करने के लिए संबंधित अधिकारी प्रस्ताव बनाकर भेजें। बजट में बुनियादी संरचनाओं को बेहतर करने के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इसे समयबद्ध तरीके से काम में गुणवत्ता के साथ खर्च करें। संदिग्ध चरित्र के लोगों की छुट्टी कर दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन ने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। कई राडार पर हैं। इस मौके पर डीजीपी ओम प्रकाश सिंह, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पहले डीजीपी ने भी अपर पुलिस महानिदेशकों को निर्देश दिए कि विवेचनाओं में गुणात्मक सुधार की जरूरत है। इसके लिए हर रेंज और जोन स्तर पर कार्यशाला का आयोजन करें। उन्होंने हर जिले के टॉप 10 अपराधियों को चिह्नित कर कार्रवाई करने का आदेश दिया।

उन्होंने कहा कि एफआईआर के लिए यूपी कॉप एप, अपराधियों की धरपकड़ में उपयोगी त्रिनेत्र एप और कानून व्यवस्था में उपयोगी सी प्लान एप का प्रयोग करें।

डीजीपी ने पोक्सो एक्ट में 62 अपराधियों को सजा दिलाने पर अफसरों की पीठ थपथपाई। इस दौरान डीजीपी ने मुख्यमंत्री के सामने पांच वर्षों के अपराध का आंकड़ा रखा। उन्होंने बताया कि लूट और बलात्कार की घटनाओं में 30 प्रतिशत, डकैती में 25 और हत्या में 11.42 प्रतिशत की कमी आई है।