सीतापुर, 25 अप्रैल बहुचर्चित कम्पाइन चालक की पिटायी में फरार आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व प्रधानपति रामकुमार शुक्ला आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गये। पुलिस ने शुक्ला सहित तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता हांसिल कर राहत की सांस ली है। पुलिस सभी को सुसंगत धाराओं में जेल भेज दिया है। अवगत हो कि 14/15 अप्रैल की रात कम्पाइन चालक हरगांव से कम्पाइन लेकर क्षेत्र के चठिया गांव जा रहा था। रास्ते में परेयी गांव मोड़ के पास रामकुमार शुक्ला का ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर ट्राली लेकर जा रहा था। वाहन क्रासिंग को लेकर कम्पाइन चालक व ट्रैक्टर चालक से कहासुनी हो गयी थी। ट्रैक्टर चालक ने फोन कर विवाद की सूचना अपने मालिक रामकुमार शुक्ला को दे दी। शुक्ला अपने परिजनो व अन्यों को लेकर मौके पर पहुंचकर कम्पाइन चालक को खींच लिया और बेरहमी से पिटायी कर दी। इस पिटायी से उसके दोनो पैर पंगु हो गये। उसकी चीख पुकार सुनकर पास पड़ोसी गांव वाले व साथी सरदार आ गये। रामकुमार शुक्ला साथियों सहित रफूचक्कर हुये थे। उक्त मामले को लेकर सिख समुदाय ने थाने का घेराव कर लिया था। तब थाना पुलिस ने आनन फानन मुकदमा अपराध संख्या 98/19 धारा 147, 148, 149, 307, 504, 506, 323 व 34 भादवि दर्ज कर लिया था। पुलिस तबसे अपराधियों की सरगर्मी से तलाश कर रही थी। उधर सिख समुदाय के बढ़ते दबाव को लेकर पुलिस अधीक्षक ने क्राइम ब्रांच को भी लगा दिया था। पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने पड़ोसी जनपद शाहजहांपुर के थाना सदर बाजार से रामकुमार शुक्ला पुत्र शारदा प्रसाद, अर्पित शुक्ला पुत्र विमलेश व अनिल मिश्रा पुत्र रामस्वरूप निवासी अन्दौली थाना इमलिया सुल्तानपुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस गिरफ्तारी अभियान में थानाध्यक्ष राय साहब द्विवेदी, उपनिरीक्षक इशरार अहमद खां, क्राइम ब्रांच टीम के निरीक्षक सुधीर कुमार त्यागी, विजयवीर सिंह सिरोही व कान्सटेबिल राजेश कुमार, किशन कुमार, धवलेश कुमार, ललित मोहन, रवी वर्मा, उमेश मिश्रा व अब्दुल राफे शामिल थे। थाना प्रभारी निरीक्षक रायसाहब द्विवेदी ने बताया कि मुख्य अभियुक्त रामकुमार शुक्ला पर वर्ष 1973 में थाना तालगांव में दर्ज हुआ था। इनका आपराधिक इतिहास रहा है तालगांव, हरगांव, लहरपुर व इमलिया सुल्तानपुर आदि थानो में कुल 16 मुकदमा पंजीकृत हैं।