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पीलीभीत, 4 सितंबर 2019, (आरएनआई)। यूपी के पीलीभीत जिले में एक युवक ने मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल पर 10 अगस्त को व मुख्य चिकित्साधिकारी को 24 अगस्त को एक मेडिकल संचालक के द्वारा मेडिकल की आड़ में मरीजों को भर्ती कर इलाज करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। इस मामले में अब तक कोई कार्यवाही नही हो पाई है। वही आरोपी मेडिकल स्वामी के द्वारा उल्टा शिकायतकर्ता को फ़र्ज़ी मुकदमे में फसाने का प्रयास किया जा रहा है।

मामला शहर के थाना सुनगढ़ी इलाके के बरहा गांव का है जहाँ एक मेडिकल स्टोर संचालक दामोदर दास द्वारा मेडिकल स्टोर के साथ-साथ मरीजों को भर्ती कर इंजेक्शन लगाकर व आला लगाकर तथा ग्लूकोज की बोतलें चढ़ाकर उनका बिना किसी डिग्री के अपने मेडिकल स्टोर के अंदर पूरा इलाज किया जाता है।

शिकायतकर्ता शशांक मिश्रा के पास जब आरोपी मेडिकल स्वामी का एक वीडियो आया जिसमे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मेडिकल स्वामी दामोदर दास के एक महिला पहुँची और उसकी गोद मे एक नवजात शिशु है जिसका दामोदर दास आला लगा कर पहले चेकअप करते है उसके बाद उसको कोई दवाई भी देते है।

इसके अलावा मेडिकल के बाहर शिव मेडिकल का बोर्ड भी लगा है और मेडिकल की दीवार पर डॉ दामोदर दास के नाम से वॉल पैन्टिन्ग भी है। इसके अलावा मेडिकल स्वामी गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के जीवन से खिलवाड़ भी कर रहा है।

थाना सुनगढ़ी इलाके के बल्लभ नगर कॉलोनी निवासी शशांक मिश्रा ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आईजीआरएस पोर्टल पर 10 अगस्त को शिकायत की थी। इसके अलावा शिकायतकर्ता शशांक मिश्रा ने मामले की शिकायत 24 अगस्त को मुख्य चिकित्साधिकारी से भी की थी।

शिकायतकर्ता ने इस मामले में लिखित शिकायत करते हुए बताया कि दामोदर दास अपने आप को एमबीबीएस डॉक्टर बता कर लोगो को भ्रमित करने का कार्य करता है।

बही शिकायतकर्ता ने इस मामले में ऐसे झोलाछाप डॉक्टर का मेडिकल स्टोर लाइसेंस निरस्त करते हुए विभागीय कार्यवाही करने की अपील की है पर इस मामले में शिकायत करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई कार्यवाही नही की गई है।

बही अब इस मामले में शिकायतकर्ता शशांक मिश्रा की शिकायत के बाद आरोपी अब शिकायतकर्ता को झूठे मुकदमे में फंसाने की लगातार कोशिश कर रहा है साथ ही शिकायतकर्ता की छवि को धूमिल करने का प्रयास भी कर रहा है।