123 Views

गाजियाबाद, 26 सितंबर 2019, (आरएनआई)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे बकुलनाथ के स्वामित्व वाली इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (IMT) की अर्जी को उत्तर प्रदेश सरकार ने खारिज कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि 11503 वर्ग गज भूमि पुरानी दरों पर ब्याज लेकर बहाल नहीं की जाएगी। आइएमटी प्रबंधन को नए रेट से जमीन लेनी होगी, जोकि करीब 65 करोड़ बनती है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे बकुलनाथ आइएमटी के प्रेसिडेंट हैं।

इससे पहले जुलाई में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने कमिश्नर को भेजी रिपोर्ट में कहा था कि आवंटित भूमि पर शर्तों का उल्लंघन करते हुए स्कूल और कॉलेज के स्थान पर नियम के विरुद्ध मैनेजमेंट द्वारा इंस्टीट्यूट संचालित किया जा रहा है।

भाजपा नेता राजेंद्र त्यागी ने राजनगर सेक्टर-20 में आइएमटी परिसर के अंदर 11503 वर्ग गज जमीन पर अवैध कब्जा होने का आरोप लगाया था। राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में आरोप लगाया था कि वर्ष 1968 में गाजियाबाद इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (अब गाजियाबाद विकास प्राधिकरण) ने लाजपत राय कॉलेज के लिए यहां 54049.25 वर्ग गज भूमि लाजपतराय स्मारक महाविद्यालय सोसायटी को आवंटित की थी।

आवंटन के दौरान 11503.34 वर्ग गज जमीन के एक टुकड़े पर विवाद चल रहा था। वर्ष 1977 में हाईकोर्ट से निर्णय होने पर यह जमीन जीडीए के पास आ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा कर आइएमटी का हॉस्टल बना दिया गया।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया था कि आइएमटी प्रबंधन ने मूल सोसायटी का नाम बदल कर लाजपतराय एजुकेशनल सोसायटी द्वारा-इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी राजनगर कर दिया। कॉलेज की जगह मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट संचालित करने को गलत बताया था। शिकायत में बताया था कि लाजपतराय कॉलेज की मान्यता के लिए 54049.25 वर्ग गज भूमि का हिस्सा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ में बंधक है।

कमिश्नर ने इस मामले में जीडीए से आख्या मांगी थी। जीडीए सचिव संतोष कुमार राय की तरफ से भेजी गई आख्या में उन्हें बताया गया है कि मूल भूखंड के अतिरिक्त 1980 में 11503.34 वर्ग गज जमीन आवंटित की गई थी। वर्ष 1994 तक नोटिस भेजने के बावजूद संस्था की तरफ से भुगतान नहीं किया। पार्षद की शिकायत पर समिति से जांच कराई गई। समिति की रिपोर्ट के आधार पर इतने हिस्से का आवंटन निरस्त कर दिया गया।