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कोलकाता। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गलवान घाटी में भारतीय जवानों व चीनी सैनिकों के बीच खूनी संघर्ष के बाद महानगर कोलकाता के मिनी चीन ‘चायना टाउन’ में हालात से खामोशी है।टेंगरा स्थित ‘चायना टाउन’ में बसे चीनी मूल के लोग उपजे हालात से बेहद तनाव में हैं।

यहां रहने वाले चीनी मूल के कई लोगों ने मीडिया के साथ बात करने के लिये राजी नहीं हुए। लेकिन इक्का दुक्का लोगों ने शिनाख्त छुपाने की शर्त पर बात करते हुए कहा कि अव्वल तो हम हालात से डरे हैं। बुद्ध सबको शांति प्रदान करें। उक्त लोगों का मानना है कि अगर चीन व भारत के बीच जंग हुआ तो भीषण तबाही होगी और दोनों पक्षों का नुकसान होगा।

भले ही ‘चायना टाउन’ में हमे कोई कुछ नहीं कहे लेकिन महानगर के अन्य जगहों पर हमें लोग फब्तियां कसेंगे और चीनी कह कर अपशब्द भी कह सकते हैं। यह स्थिति हमारे लिये पीड़ा दायक होगी। इनके आरोपों की माने तो, 1962 में चीन युद्ध के दौरान उन पर अत्याचार भी हुए। सरकार ने हजारों लोगों को चीन भेज दिया।

उसके बाद ही चीनियों का पलायन शुरू हुआ और लोग कनाडा और अमेरिका जैसे देशों में पलायन करने लगे। हालात तो यह है कि यहां के रहने वाले परिवार से कोई न कोई कनाडा व अन्य देशों में है। ‘चायना टाउन’ में रहने वाले चीनी मूल के लोगों व उनसे हमदर्दी रखने वालों का कहना है कि भारत और चीन के बीच दोस्ती उनके लिये बेहतर होगा।

दोनों देशों के बीच इस तनाव को खत्म करने की जरूरत है।अगर दोनों देश नजदीक आ जायें तो महाशक्ति बन सकते हैं। बहरहाल राजनीतिक नजरिये से भी कोलकाता में रहने वाले चीनी समुदाय को चीनी सरकार से काफी उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि अगर भारत चीन अपने विवादों को बैठकर निपटा ले तो इससे दोनों देशों का महान फायदा होगा और उनके दोस्ती से दुनियां कांपेगी।

(पश्चिम बंगाल से जगदीश यादव की रिपोर्ट)