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दुनिया भर के मुसलमानों के लिए सऊदी अरब एक खास देश है वो इसलिए कि सऊदी में ही पैगंबर मोहम्मद साहब का जन्म हुआ, इस्लाम धर्म वहीं से फैला, काबा वहीं मौजूद है. इसलिए हर मुसलमान की चाहत रहती है कि जीवन में एक बार वो सऊदी अरब जाकर हज कर आए.


इतना सब होने के बावजूद यह जानना ज़रूरी है कि दुनियाभर के मुसलमान सऊदी के खिलाफ साल दर साल विरोध प्रदर्शन क्यों करते हैं?
विरोध प्रदर्शन की वजह क्या है?

हर साल ईद के आठवें दिन 8 शव्वाल को एक बहुत बड़ा प्रदर्शन सऊदी अरब के खिलाफ होता है.इस दिन को शिया धर्म में ब्लैक डे के नाम से जाना जाता है.इस प्रदर्शन का मुद्दा रहता है कि मदीना मुनव्वरा में पैगंबर की बेटी जनाबे फातिमा ज़हर समेत तमाम इमामों की कब्र को सऊदी ने ध्वस्त कर दिया. ये तमाम कब्रें जन्नतुल बकी में मौजूद थीं जिसे सऊदी सरकार ने मिट्टी में मिला दिया. इस बार भी ये प्रदर्शन दुनिया में सभी जगह हुआ जिसमें दिल्ली के जंतर मंतर पर भारी भीड़ इकट्ठा हुई.

इस सालाना विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व आल इंडिया सुन्नी शिया फ्रंट के जनरल सेक्रेटरी सय्यद ज़ुल्फ़िकार अहमद उर्फ छम्मन साहब ने किया.ज़ुल्फ़िकार साहब ने कहा कि “हमारा विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक तमाम रोजे(दरगाह) दोबारा नहीं बनाए जाते. हम सऊदी सरकार को इसका दोषी मानते हैं. हम उसके खिलाफ सड़क पर उतरते हैं.” ये प्रदर्शन हर साल दिल्ली के जंतर मंतर पर किया जाता है.इस विरोध प्रदर्शन के बाद भारत सरकार,UNO और सऊदी एम्बेसी को मेमोरेंडम(ज्ञापन) सौंपा गया.

(हसन हैदर)