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रिपोट- फैजान शेख

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी डॉ और अस्पतालों को सचेत करते हुए को कहा कि किसी मरीज के जीवन के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा. मुख्यमंत्री ने यहां लोकभवन में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा करने के दौरान कहा, “मुख्य चिकित्सा अधिकारी जनपद में भ्रमण करें, दफ्तर में कोई न बैठें. सीएमओ प्रतिदिन किसी सीएचसीए पीएचसीए वेलनेस सेंटर का निरीक्षण करते रहे.

मुख्यमंत्री ने कहा, “इससे यह साफ होना चाहिए कि जनपद के अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी में तैनात चिकित्सक, नर्सिग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मी समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं. जिले के अंदर सीएमओ व स्वास्थ्य विभाग के अन्य अफसर फील्ड में रोजाना जाना तय कर दें. वे तय करें कि एक अस्पताल, सामुदायिक केंद्र का औचक निरीक्षण करना है, जिससे कार्यों में लगतार तेजी आएगी.”

उन्होंने कहा, “शिकायतें लगतार मिलती हैं कि सीएचसी पर तैनात डॉक्टर अस्पताल में न आकर बाजार में अपने निजी प्रैक्टिस और अस्पताल चलाते हैं. आप सभी लोग इस पर नजर रखें. जिस डॉक्टर को सरकार समय से वेतन दे रही है, तो वह सीएचसी में समय से क्यों नहीं बैठ रहा है. अस्पतालों में दवा मिल रही है या नहीं मिल रही है, इसकी जांच भी समय-समय पर लगतार होनी चाहिए.

मुख्यमंत्री योगी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया है कि वे अपने स्टाफ से संवाद स्थापित करें, टीम भावना पैदा करें, ताकि स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर हो सकें. उन्होंने कहा कि “वेलनेस सेंटरों में योग करवाने चाहिए. आईएमए के साथ आप लोग संवाद बनाएं, इसका अच्छा परिणाम आएगा. योगी ने कहा की डॉकटर बिना किसी भेदभाव सभी का इलाज करे।