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ब्रासीलिया, 14 नवंबर 2019, (आरएनआई )। 11वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ब्राजील गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां राजधानी ब्राजीलिया में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सनारो से मुलाकात की। बता दें कि प्रधानमंत्री छठी बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन सदस्य देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देगा। ब्राजीलिया पहुंचने के बाद मोदी ने ट्वीट किया कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए ब्राजील पहुंच गया हूं। इस दौरान विभिन्न वैश्विक नेताओं से मुलाकात करूंगा।

11वें ब्रिक्स सम्मेलन के इतर, मोदी ब्राजीली राष्ट्रपति जेयर बोल्सनारो के साथ द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। यह दुनिया के उभरती पांच प्रमुख अर्थव्यवस्था वाले देशों का समूह है। इस साल के सम्मेलन का विषय ‘ब्रिक्स : नवोन्मेषी भविष्य के लिए आर्थिक वृद्धि’ है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत को ब्रिक्स जितना ही शानदार बताते हुए ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11वें ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए ब्राजीलिया पहुंच गए हैं।

सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले मोदी ने कहा था कि इस साल के सम्मेलन की थीम ब्रिक्स : नवोन्मेषी भविष्य के लिए आर्थिक वृद्धि है जो ब्रिक्स देशों के बीच परंपरागत संबंधों को और मजबूत करेगा। सम्मेलन के दौरान विश्व के पांच प्रमुख अर्थव्यवस्था वाले देशों के लक्ष्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष में सहयोग को और अधिक मजबूत करने वाले होंगे। ब्रिक्स देश इसके ढांचे के दायरे में डिजिटल अर्थव्यवस्था पर सहयोग बढ़ाने और आतंकवाद रोधी सहयोग के लिए एक तंत्र बनाने पर भी गौर करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ब्रिक्स व्यापार समापन समारोह, क्लोज्ड सत्र और सम्मेलन के पूर्ण सत्र में भी शिरकत करेंगे। क्लोज्ड सत्र में केवल ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधि ही मौजूद होंगे। इसमें समकालिक विश्व में राष्ट्रीय संप्रभुता के उपयोग के लिए चुनौतियों और अवसरों पर ही चर्चा के केंद्रित रहने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी ने यहां चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से भी मुलाकात की और उनके साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के तौर-तरीकों पर चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच इससे पहले गत अक्तूबर में भारत में अनौपचारिक बैठक हुई थी।।

दोनों नेताओं के बीच 11-12 अक्टूबर को चेन्नई के समीप मामल्लापुरम में दूसरा अनौपचारिक शिखर सम्मेलन हुआ था। उस दौरान दोनों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की थी और आतंकवाद, कट्टरपंथ से संयुक्त रूप से लड़ने, द्विपक्षीय व्यापार व निवेश बढ़ाने की बात कही थी।

ब्रासीलिया में दोनों नेताओं के बीच यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब महज कुछ दिन पहले ही भारत ने चीन समर्थित क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) से नहीं जुड़ने का फैसला किया है।

पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को अगले साल मई में रूस में होने वाले विजय दिवस समारोह के लिए आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन के साथ बैठक को शानदार बताते हुए कहा कि ‘लगातार हो रही बैठकों ने हमारे संबंधों को मजबूत किया है।’

मोदी ने कहा, ‘हमारे द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार हो रहा है। आपने मुझे मई में विजय दिवस समारोह के लिए रूस की यात्रा करने के लिए आमंत्रित किया है। मैं उसका बहुत उत्सुकता से इंतजार कर रहा हूं क्योंकि मुझे एक बार फिर आपसे मिलने का मौका मिलेगा।’

मास्को में प्रतिवर्ष नौ मई को विजय दिवस परेड आयोजित होती है जिसमें रूस अपनी सैन्य ताकत प्रदर्शित करता है। यह मई 1945 में नाजी जर्मनी पर मित्र देशों की जीत की याद दिलाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी भाषा में ट्वीट किया, ‘राष्ट्रपति पुतिन के साथ एक शानदार बैठक हुई। हमने अपनी बैठक के दौरान भारत..रूस संबंधों पर विस्तृत चर्चा की। भारत और रूस व्यापार, सुरक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में व्यापक सहयोग कर रहे हैं। हमारे देशों के लोगों को नजदीकी द्विपक्षीय संबंधों से लाभ होगा।’

रूसी राष्ट्रपति ने बैठक में कहा, ‘यह हमारी इस वर्ष चौथी बैठक है। मैं प्रगाढ़ होते संबंधों को लेकर बहुत खुश हूं। हम प्रमुख द्विपक्षीय परियोजनाओं को क्रियान्वित कर रहे हैं। हमारा तकनीकी सहयोग मजबूत हो रहा है और सांस्कृतिक आदान प्रदान का विस्तार हो रहा है।’

दोनों नेताओं की यह बैठक रूस के सुदूर पूर्व व्लादिवोस्तोक शहर में पूर्वी आर्थिक मंच (ईईएफ) के मौके पर व्यापक बातचीत के करीब दो महीने बाद हुई जिसमें दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तौर-तरीकों पर चर्चा की।

भारत ने रूस के संसाधन संपन्न सुदूर पूर्व के लिए अभूतपूर्व रूप से एक अरब अमेरिकी डालर के ऋण सुविधा की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षेत्र को विकसित करने के राष्ट्रपति पुतिन के प्रयासों में सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई थी।

भारत और रूस ने सितंबर में रक्षा, वायु और समुद्री संपर्क, ऊर्जा, प्राकृतिक गैस, पेट्रोलियम और व्यापार जैसे क्षेत्रों में 15 समझौतों या सहमतिपत्रों पर हस्ताक्षर किए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को यहां ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के साथ मुलाकात की और उनके साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की। मोदी ने इस शिखर सम्मेलन के इतर बोलसोनारो के साथ मुलाकात की।

बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी बढ़ाने के तौर-तरीकों पर चर्चा की। दोनों नेता करीब चार महीने पहले जापान के ओसाका में दो दिवसीय जी 20 शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे। मोदी ने तब बोलसोनारो को ब्राजील का राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई दी थी और ब्रिक्स परिवार में उनका स्वागत किया था।

मोदी और बोलसोनारो ने द्विपक्षीय संबंधों पर व्यापक चर्चा की। यह चर्चा विशेष रूप से व्यापार और निवेश में सहयोग बढ़ाने, जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में कृषि और जैव ईंधन, करीबी और बहुपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने के बारे में हुई।

बोलसोनारो जनवरी में ब्राजील के राष्ट्रपति चुने गए थे। उन्होंने पिछले महीने घोषणा की थी कि भारतीय पर्यटकों को पर्यटन या व्यवसाय के लिए ब्राजील में प्रवेश करने के लिए वीजा से छूट मिलेगी।