मुजफ्फरपुर, 26 जून (आरएनआई) | आजकल उतर बिहार में एईएस- चमकी बुखार को लेकर लगातार हो रहे बच्चों की मौत से हाहाकार मच्चा हुआ है. वंही मुजफ्फरपुर जिला के एसकेएमसीएच अस्पताल और केजरीवाल अस्पताल में एईएस से लगातार बच्चों की मौतें हो रही है. इसी बीच शहर के जुरन छपरा स्थित केजरीवाल अस्पताल में एक बच्चे की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश था. जिसके बाद अस्पताल कर्मी और मृतक बच्चे के परिजनों में बहस शुरू हो गया, और धीरे-धीरे मामला हंथा-पाहि तक आ गया.

जिसके बाद केजरीवाल अस्पताल कर्मियों ने पीड़ित परिजनों पर अंधा-धुन लाठी और डंडों बरसाने लगा. बताया जा रहा है कि इसी दौरान एक पत्रकार के साथ भी अस्पताल कर्मियों ने बदसूलीकी की, जिसके बाद ये मामला तूल पकड़ लिया. इस पूरे मामले में जिला प्रशासन से जिला के सभी पत्रकारों ने दोषियों के ऊपर सख्त कारवाई की मांग की. जिला प्रशासन ने आश्वाशन दिया है कि जल्द ही सभी दोषियों के ऊपर सख्त कारवाई की जाएगी.

जब यह मामला तूल पकड़ा तो आगे की कारवाई में देखा गया कि अस्पताल परिसर में कर्मीयों के पास से लाठी-डंडे और लोहे के छर भी मिले, अब सवाल यह उठ रहा है कि केजरीवाल अस्पताल के कर्मियों को इन सब चीजों को रखने की क्या जरूरत. वो बच्चों के इलाज़ हेतु कार्यरत है या पीड़ित परिजनों पर लाठी-डंडा बरसाने के लिए. सवाल यँहा ये उठ रहा है कि क्या केजरीवाल अस्पताल के कर्मियों को पुलिस और कानून का जरा भी भय नही है. जँहा एक तरफ किसी का बच्चा मर गया हो वंही दूसरी ओर अस्पताल कर्मियों द्वारा ऐसी बदसूलीकी बिल्कुल बर्दाश्त नही. इस मामले को लेकर सभी पत्रकार एक है, ओर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले इसके लिए सभी जिला प्रशासन पर लगातार दवाब बनाए हुए है.