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फिरोज आलम
कोलकाता। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज एक संवाददाता सम्मेलन कर आज साफ कर दिया कि बंगाल में रात्रि कालिन कर्फ्यू नहीं लगेगा लेकिन  31 मई तक  लॉकडाउन को बढ़ाया गया है। सीएम ने कहा कि राज्य को कोरोना के कारण तीन क्षेत्र ए, बी, सी में विभाजित किया गया है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा। ए क्षेत्र संक्रमण प्रभावित क्षेत्र है तो बी बफर ज़ोन और सी क्लीन (स्वच्छ) क्षेत्र है।बूथ आधारित तरीकों से भी जोन विभाजित किया गया है।27 मई से ऑटो चलेगा। हालांकि, प्रत्येक ऑटो में दो यात्री होंगे। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में सरकारी बसें चलाने की घोषणा की।

साथ ही मुख्यमंत्री ने बस मालिकों से निजी बस को चलाने का भी अनुरोध किया है। सीएम ने लोगों से सामजिक दूरी को बरकरार रखने और मास्क पहनने की बात भी कही। कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ा दिया है।

हालांकि, ममता बनर्जी सरकार ने केंद्र सरकार के निर्देशों के उलट रात में कर्फ्यू नहीं लगाने का फैसला किया है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में लॉकडाउन 4 के लिए गाइडलाइंस जारी करते हुए कहा कि आधिकारिक रूप से शाम 7 बजे के बाद कर्फ्यू नहीं लगाया जाएगा।

हालांकि उन्होंने लोगों से अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की अपील की। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने रविवार को लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ाने का ऐलान किया था।

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से लॉकडाउन 4.0 के जारी गाइडलाइंस में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए 31 मई तक और रियायतें दी गई हैं, जिनमें मॉल को छोड़ कर बाजारों में नाई की दुकानों, सैलून और स्पा समेत अन्य दुकानों को अलग-अलग समय पर खोलने की अनुमति दी गई है।

हालांकि, गृह मंत्रालय ने कहा कि रात में कर्फ्यू जारी रहेगा, जिसका मतलब है कि शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक गैर-जरूरी यात्राएं प्रतिबंधित रहेंगी और अधिकारी इनका अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।

गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक 31 मई तक देश भर में मेट्रो रेल सेवा, स्कूल, कॉलेज, होटल, रेस्तरां, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, स्वीमिंग पूल, जिम आदि बंद रहेंगे। इस अवधि में सभी सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक रहेगी। साथ ही, सभी प्रार्थना और धार्मिक स्थल बंद रहेंगे।

उधर, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश केंद्र की ओर से दिए गए दिशानिर्देशों में कोई बदलाव नहीं कर सकते हैं। राज्य, स्थानीय स्तर पर मूल्यांकन और स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा निर्देशों के आधार पर जरूरत पड़ने पर और कठोर बना सकते हैं।

सभी राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को लिखे पत्र में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि सोमवार से प्रभावी होने वाले नये दिशानिर्देशों के तहत राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी संशोधित दिशानिर्देशों में तय मानदंडों के आधार पर अपने हिसाब से अब ‘रेड, ‘ऑरेंज और ‘ग्रीन जोन तय कर सकेंगे।