17 अप्रैल, फ़िरोज़ाबाद,

देश की कुछ ऐसी लोक सभा सीटें हैं जिन पर देश भर की नज़र रहती है। उत्तर प्रदेश की फ़िरोज़ाबाद सीट उन में से एक है। यहाँ से चाचा भतीजे की सीधी टक्कर है जो एक दुसरे के आमने सामने प्रतिद्वंदी हो कर चुनाव लड़ रहे हैं। चुनावी रणनीतियां हर रोज़ नया रंग रूप ले रही हैं। इसी बीच फ़िरोज़ाबाद शहर से लगी एक कॉलोनी मोमिन नगर के बाहरी गेट पर जो हाईवे पर निकलता है, एक बैनर ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है। बैनर में वोट के बहिष्कार की बात लिखी गयी है। नया सवेरा की टीम जब मौके पर पहुंची और हालात का जायज़ा लिया तो माजरा निहायत ही दुखद और संगीन था। लगभग 17 हज़ार इंसानों की इस आबादी का हाल बहुत बुरा था। हाईवे से एक पतली सड़क इस कॉलोनी की तरफ आती है। उस से कट कर ही एक रास्ता जो लगभग एक किलोमीटर है इस कॉलोनी की तरफ जाता है। वहां सिर्फ गढ़े हैं। सीवर न होने की वजह से नालियों का पानी घरों में घुसता है। इंसानों और जानवरों का मलमूत्र भी वहीँ इकठ्ठा होता है जिसे घर के किनारे से निकाल कर बीच निकास पर डालना पड़ता है। गन्दगी में बसी इस मोमिन नगर कॉलोनी के बच्चों की हालत दयनीय है। ज्यादा तर लोग बीमार हैं। बारिश में इन की ज़िन्दगी नरक बन जाती है। ऐसे भी लोग मिले जो पिछले एक दो वर्षों से इसी रास्ते में गिर कर अपाहिज हो चुके हैं।

योगी सरकार से लेकर मोदी सरकार तक का विकास इन ज़रूरत मंदों तक नहीं पहुंचा। मेयर, विधायक और सांसद की नज़र भी नहीं गयी। जब की यह कॉलोनी शहर से मिली हुयी है। अपनी बर्बादी से तंग आकर लोगों ने लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए वोट बहिष्कार का बैनर लगाया। इस चुनावी मौसम में जब लोग पहुंचे तो हालत देख खुद ही शर्मिंदा हुए।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सब का साथ सब का विकास, सौचालय, स्वच्छ भारत जैसे विकास सारे पहिये अब तक इस गली से नहीं गुज़रे। लोगों का कहना है कि उन्हों ने सब से यहाँ की समस्या के लिए गुहार लगा ली है।अब वोट उसी को जो पहले रोड देगा। रोड नहीं तो वोट नहीं।