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फर्रुखाबाद, 31 जनवरी 2020, (आरएनआई )। फर्रुखाबाद में मोहम्मदाबाद कोतवाली के करथिया गांव में बंधक बनाए गए बच्चों को मुक्त कराने के लिए गांव के लोगों ने ईंटों व हथौड़े से गेट तोड़ दिया। पुलिस के घर के अंदर घुसते ही सुभाष ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमेें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में सुभाष की मौत हो गई। इस दौरान सुभाष की पत्नी घायल हो गई। पुलिस ने पत्नी व बच्चे को कब्जे में लिया।

पत्नी को सीएचसी भेजा और पुत्री को एक ग्रामीण के हवाले कर दिया। बंधनमुक्त कराए गए बच्चों का स्वास्थ्य टीम देर रात तक चिकित्सीय परीक्षण करती रही। गांव करथिया निवासी सुभाष बाथम ने पुत्री के जन्मदिन के बहाने गुरुवार दोपहर गांव के 23 बच्चों को घर बुलाकर बंधक बना लिया था। चार बजे से पुलिस बच्चों को मुक्त कराने के लिए उसके घर की घेराबंदी किए थे।

डीएम, एसपी पुलिस बल के साथ आरोपी के घर के बाहर डटे रहे। कानपुर जोन आईजी मोहित अग्रवाल भी घटना स्थल पर देर रात पहुंच गए। उन्होंने पूरे मामले का जायजा लिया और बच्चों को मुक्त कराने का प्रयास शुरू किया। एक छह माह की बच्ची शबनम सुभाष के दोस्तों ने अपनी बातों से देर रात मुक्त करा ली थी। इसके बाद अन्य अन्य बच्चों के मुक्त न होने पर उनके परिवार वाले और गांव के लोग रात करीब 12.30 बजे आक्रोशित हो उठे।

उन्होंने सुभाष के घर के दरवाजे पर ईंटों व पत्थरों से हमला कर दिया। गुस्साए गांव के लोगों ने हथौड़ा व ईंटे मार-मार कर दरवाजा तोड़ दिया। इससे पुलिस कर्मी घर के अंदर घुस गए। सुभाष ने पुलिस पर फायरिंग कर। इसमें दो पुलिस कर्मी घायल हो गए और सुभाष जवाबी कार्रवाई में मारा गया। फायरिंग बंद होने के बाद गुस्साए गांव के लोग भी घर में घुस गए और पथराव कर दिया और सुभाष की पत्नी को पकड़ कर पीट दिया।

इससे वह घायल हो गई। पुलिस ने सुभाष की पत्नी को ग्रामीणों से छुड़ाया और सीएचसी भेज दिया। उसकी पुत्री गौरी को एक ग्रामीण के सुपुर्द कर दिया। देर रात एटीएस भी मौके पर पहुंच गई। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि 23 बच्चों को बंधक मुक्त कराने के आपरेशन के दौरान सुभाष ने पुलिस पर फायरिंग कर दी और एक हथगोला फेंका, इसमें दो पुलिस कर्मी घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में सुभाष मारा गया। उसकी पत्नी व बच्चा सुरक्षित है। जो बच्चे बंधक मुक्त हुए है, उनका चिकित्सीय परीक्षण किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि बच्चों को मुक्त कराने का अभियान आठ घंटे चला। हमने अपहरणकर्ता से बात करके बच्चों को छोड़ने के लिए राजी करने की कोशिश की लेकिन हमें पता चला कि उसके पास हथियार है और हथगोला भी। उसने धमाका करने की धमकी भी दी।

उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि सभी बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और अपहरणकर्ता पुलिस कार्रवाई में मारा गया है।