प्रयागराज, 18 मार्च (आरएनआई) | कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी प्रयागराज में हनुमान मंदिर पहुंच गई हैं। प्रियंका गांधी ने मंदिर में आरती उतारकर पूजा अर्चना की। इसके बाद प्रियंका गांधी ने गंगा पूजन किया। फिर उन्होंने मंदिर के बाहर जमा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। यहां से वो सीधा नाव में सवार होकर रवाना हो गईं।

इससे पहले कार्यकर्ता प्रियंका गांधी के आने का मनैया घाट और संगम नोज पर इंतजार करते दिखाई दिए। वहीं राज बब्बर भी संगम नोज पहुंचे।

प्रयागराज से वाराणसी तक तीन दिवसीय गंगायात्रा आज के दौरान प्रियंका प्रयागराज से वाराणसी के बीच की संसदीय सीटों के नेताओं, संभावित उम्मीदवारों के अलावा गरीबों-बुनकरों, किसानों से सीधा संवाद करेंगी।

वह घाटों पर रुकेंगी और गांवों की गलियों में घूमेंगी भी। इस दौरान कई जगह सूख रही गंगा की दुर्दशा को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला कर सकती हैं। मनइया से मोटरबोट से उनकी जलयात्रा शुरू होगी। 20 मार्च को यात्रा वाराणसी पहुंचेगी।

इस दौरान नाव पर चर्चा का कार्यक्रम रखा गया है। कुछ युवाओं व छात्र-छात्राओं के प्रतिनिधि मंडल के साथ वह गरीबी, बेरोजगारी व पिछड़ेपन के मुद्दों, उद्योगों की खस्ताहाली पर चर्चा करेंगी। इसके बाद वह दिन के 11 बजे दुमदुमा पहुंचेंगी।

वहां वह मीटिंग के जरिए जनता से संवाद करेंगी। यहां से होकर दोपहर 12 बजे प्रियंका की मोटरबोट सिरसा पहुंचेगी। यहां भी लोगों से मुलाकात करेंगी। एक बजे प्रियंका हंडिया स्थित ऐतिहासिक लाक्षागृह पहुंचेंगी। यहां किसानों के साथ चौपाल लगाएंगी।

मांडा से सड़क मार्ग से महेवा-डेमूपुर होकर अतिथिगृह में पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए महेश यादव के परिजनों से मिलेंगी। प्रियंका की इस जलयात्रा को कांग्रेस में नई जान फूंकने के तौर पर देखा जा रहा है।

प्रयागराज से काशी के बीच प्रियंका गंगा की दुर्दशा से रूबरू होंगी। कई जगह रेत के टीले उभरने और गंगा में प्रवाह न होने की जानकारी उन्हें पहले ही दी जा चुकी है। अब वह अपनी इस यात्रा के दौरान सचाई देखेंगी और गंगा की दुर्दशा के मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी को घेरेंगी।