नई दिल्ली, 19 मई (आरएनआई) | चुनाव आयोग की अंदरूनी मतभेद की ख़बरों के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील आरोड़ ने कहा है कि यह ज़रूरी नहीं कि सभी सदस्य एक जैसा ही सोचें. विवाद के केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को आचार संहित उल्लंघन के मामलों में क्लीन चिट दिया जाना है. इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की अहम बैठक मंगलवार को होगी. चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को पत्र लिखकर बैठकों से अलग रहने की जानकारी दी है. लवासा ने लिखा है, “जब मेरे अल्पमत को दर्ज नहीं किया जा रहा तब आयोग में हुई बैठकों में मेरी हिस्सेदारी का कोई मतलब नहीं है.” लवासा की चिट्ठी आने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ने बयान जारी कर इसे गैरज़रूरी विवाद बताया है.