सीतापुर, 16 मार्च (आरएनआई) | बसपा से निकाले गये बिसवां से पूर्व विधायक रामपाल यादव की पुनः वापसी से सियासी घमासान तेज हो गया है। कयास लगाये जा रहे है कि बसपा सीतापुर लोकसभा से रामपाल यादव को चुनावी समर में उतार सकती है। राजनैतिक जानकारो की माने तो रामपाल के चुनाव लडने से सीतापुर संसदीय सीट पर मुकाबला जोरदार होने के आसार है। कांग्रेस पार्टी ने पूर्व सांसद कैसरजहां को मैदान में उतारा है।

भाजपा ने अभी प्रत्याशी घोषित नही किया है लेकिन माना जा रहा है कि भाजपा मौजूदा सांसद राजेश वर्मा पर ही दांव खेलेगी। अब रामपाल यादव की बसपा में वापसी होने से सियासी पारा चढ गया है, रामपाल बसपा प्रत्याशी बनाये जा सकते है। यदि बसपा रामपाल पर दांव लगाती है तो मुकाबला रोचक होने के आसार है। बिसवां से पूर्व विधायक रामपाल यादव को राजनीति का माहिर खिलाड़ी माना जाता है।

इसका अहसास वह जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में करा चुके है। सपा सरकार होने के बावजूद रामपाल यादव ने सपा प्रत्याशी सीमा गुप्ता को पराजित कर अपने पुत्र को अध्यक्ष बनाने में कामयाब रहे थे। फिलहाल लोकसभा चुनाव का घमासान शुरू हो चुका है। किस दल से कौन चुनाव लडेगा यह तो आने वाले कुछ दिनो में पता चल जायेगा।

संसदीय सीट सीतापुर पर जोरदार मुकाबले के आसार बनते दिख रहे है। कांग्रेस ने कैसरजहां को प्रत्याशी बनाया है। जबकि भाजपा से मौजूदा सांसद राजेश वर्मा का टिकट पक्का माना जा रहा है। वही बसपा से रामपाल यादव के चुनावी मैदान में उतरने के आसार बनते जा रहे है। यदि उक्त तीनो प्रत्याशियो के बीच मुकाबला होता है तो किसी को कमतर आंका नही जा सकता है। जीत का सेहरा किसके सिर पर बंधेगा यह चुनाव के बाद ही पता चल पायेगा। फिलहाल राजनैतिक गलियारो में चर्चाओ का बाजार गर्म है।