लखनऊ ! समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक चर्चा के दौरान कहा हमारे 3 दलों के गठबंधन को मिलावटी कहा गया लेकिन भाजपा के साथ तो 38 दल गठबंधन में है उसको क्या कहा जाए? अब तो प्रधानमंत्री जी भी समझ रहे हैं कि कोई गठबंधन है जो सामने खड़ा है और उनको फिर गद्दी पर बैठने से रोक रहा है। जनता ने मन बना लिया है कि आगामी मई में ही महापरिवर्तन होगा। पहले दिल्ली फिर उत्तर प्रदेश में भाजपा की कुर्सी जाएगी।

केन्द्र सरकार हर मोर्चे पर विफल रही हैं नोटबंदी से न भ्रष्टाचार समाप्त हुआ, न कालाधन वापस आया। नक्सलवाद और आतंकवाद को जड़ से खत्म करने की बातें हुई पर हुआ क्या? 2 करोड़ नौकरी के वादे का क्या हुआ? अब प्रधानमंत्री जी डिजिटल इण्डिया, स्टार्ट अप इण्डिया, मेक इन इण्डिया की बातें नहीं करते है।

इन्हें वे भूल गए है। इसीलिए हम कहते है कि देश को नया प्रधानमंत्री चाहिए।केन्द्र ने देश में तमाम समस्याएं पैदा कर दी हैं। नौकरियां छिन गई है। आशा कार्यकत्री, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, शिक्षामित्र सभी परेशानी में हैं। एक हजार शिक्षामित्रों ने जान दे दी है। नीति आयोग-योजना आयोग को लेकर मतभेद है। इन सब समस्याओं के हल क्षेत्रीय पार्टियों के पास है। एक सिर के बदले पाक से 10 सिर लाएंगे। हर दिन हमारे जवान शहीद हो रहे हैं। नक्सलवाद खत्म करने की जब बात हो रही थी तभी हमारे 15 जवान शहीद हो गए।

भाजपा उत्तर प्रदेश की जनता को अपमानित और बदनाम करने में लगी है। उत्तर प्रदेश में किसान की हालत बदतर होती जा रही है। उसकी खेती पर संकट है। किसान खेतिहर मजदूर बनता जा रहा है। समाजवादी सरकार ने किसान को मुफ्त सिंचाई सुविधा दी थी। भाजपा राज में किसान को सस्ती बिजली मिल रही है और नहीं किसान को लागत मूल्य मिल रहा है। भाजपा ने जाति-धर्म की राजनीति करके प्रदेश के वातावरण को प्रदूषित करने का काम किया है। समाज में नफरत और बंटवारे का जह़र फैलाया है। प्रदेश को समस्त विकास योजनाओं को ठप्प कर दिया गया है।