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अब धीरे धीरे सरकारी संस्थायें निजी हाथों में सौंपी जा रही हैं, रेलवे, हवाई अड्डा जैसी तमाम चीज़ों का निजीकरण हो रहा है। जिसको लेकर पत्रकार रोहिण सिंह ने सवाल उठाते हुये कहा कि- क्या आबकारी विभाग के निजीकरण का प्रस्ताव कभी आया? यह टैक्स विभाग का? या रजिस्ट्री ऑफ़िस का? RTO का? PWD का? कभी चर्चा हुई? क्यूँ नहीं हुई?

क्यूँकि ये हमेशा से सरकारों के लिए कमाई के बड़े माध्यम रहे, भ्रष्टाचार के जनक ही ये विभाग रहे हैं। फिर निजीकरण सरकार किनका कर रही है?

आगे उन्होंने यह भी कहा कि आखिर क्यों सिर्फ इन्हीं चीज़ों का निजीकरण हो रहा है। ट्वीट करते हुये लिखा- निजीकरण हो रहा है नवरत्नों का, रेलवे का, हवाई अड्डों का, HAL, BPCL, LIC, Pawan Hans, BSNL, Coal India एवं अन्य 28 PSU का। ये सभी संस्थाएँ देश की तरक़्क़ी के भागीदार रही, यहाँ भ्रष्टाचार नहीं हुआ, कभी आपने घूँस की शिकायत नहीं सुनी होगी। सरकार को इनसे दुश्मनी क्यूँ?