61 Views

ग्वालियर, 04 जनवरी 2020, (आरएनआई )। जिला एवं सत्र न्यायालय ने 6 साल पुराने एक दोहरे हत्याकांड के मामले में भाजपा नेता सहित चार आरोपियों को दोहरे आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है जबकि 6 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। इस हत्याकांड में कुल 13 आरोपी बनाए गए हैं शेष बचे 3 आरोपियों की ट्रायल अलग न्यायालय में चल रहा है।

शहर के बहुचर्चित रामप्रकाश यादव एवं अजीत सिंह यादव दोहरे हत्याकांड में आज न्यायालय ने सजा का एलान किया है। शासकीय अधिवक्ता एमपी बरुआ ने बताया कि जिला न्यायालय के चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खचाखच भरी कोर्ट में शनिवार को फैसला सुनाया गया। कोर्ट में इस हत्याकांड के 10 आरोपियों की ट्रायल चल रही थी। न्यायालय अपने फैसले में चार आरोपियों भाजपा नेता कल्याण सिंह यादव, अजीत सिंह यादव, गजेंद्र सिंह यादव और विनोद माहौर को को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया जबकि इस हत्याकांड के छह आरोपियों काऊ उर्फ घनश्याम सिंधी, रज्जाक, आरिफ, वासित, भूरा एवं एक अन्य को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। इस हत्याकांड में कुल 13 आरोपी बनाए गए थे जिनमें से 3 शेष की ट्रायल दूसरे न्यायालय में चल रही है जिसमें फैसला आना शेष है।

विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के सचिन तेंदुलकर मार्ग पर 6 फरवरी 2013 को एक शादी समारोह से लौटते समय पूर्व जनपद सदस्य रामप्रकाश यादव की कार को हमलावरों ने घेर लिया था और दो कारों से निकलकर आधा दर्जन लोगों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग की थी जिससे रामप्रकाश यादव और उनके बेटे अजीत यादव की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि तीन अन्य लोग इस मामले में घायल हुए थे।

1995 में गजेंद्र यादव के पिता की रामप्रकाश यादव ने हत्या कर दी थी तभी से दोनों पक्षों में दुश्मनी दोनों गुटों से चली आ रही थी रामप्रकाश यादव को 2003 में आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया था बाद में जमानत पर वह जेल से बाहर आया था। पुलिस के मुताबिक ग्वालियर के ग्राम मोहनपुर के रहने वाले राम प्रकाश और कल्याण सिंह के परिवारों में यह दुश्मनी ढाई दशक पुरानी है जिसमें अभी तक आधा दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है। इस चर्चित और संगीन हत्याकांड को देखते हुए पुलिस ने न्यायालय में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। यहाँ बता दे कि आजीवन कारावास से दंडित आरोपी कल्याण सिंह यादव भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं वे ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के डायरेक्टर भी रह चुके हैं।