नई दिल्ली, 4 मार्च 2020, (आरएनआई )। दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में बीजेपी से निष्काषित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत 7 आरोपियों को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने 4 अन्य को बरी कर दिया हैं।

फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि जिस तरीके से पीड़िता के पिता की हत्या की गई थी, वह जधन्य था। बता दें कि दुष्कर्म पीड़िता के पिता की 9 अप्रैल, 2018 को न्यायिक हिरासत में मौत हो गई थी। कोर्ट 12 मार्च को इस मामले में फैसला सुनाएगा।

कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को आपराधिक साजिश का दोषी पाया है। फैसला सुनाते हुए तीस हजारी कोर्ट के जज ने कहा कि यह मेरी जिंदगी का सबसे चुनौतीपूर्ण ट्रायल रहा। जज ने सीबीआई और पीड़ित के वकील की भी सराहना की। तीस हजारी कोर्ट ने इससे पहले 29 फरवरी को इस मामले पर सुनवाई की थी और फैसले के लिए चार मार्च की तिथि तय की थी।

बता दें भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन विधायक कुलदीप सेंगर को नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में उम्रकैद की सजा हो चुकी है। 16 दिसंबर, 2019 को तीस हजारी कोर्ट ने इस मामले में सेंगर को दोषी ठहराया था और 20 दिसंबर को उम्रकैद की सजा हुई थी।