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सीएए और एनआरसी के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन और सरकार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाली जामिया मिल्लिया इस्लामिया की छात्रा सफ़ूरा ज़रगर को दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को शर्त के साथ जमानत दे दी|

सफूरा ज़रगर सरकार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने की सज़ा भुगत रही थीं, उन्हें दिल्ली में हुई हिंसा के लिए दिल्ली पुलिस ने आरोपी बनाया गया| आपको बता दें सफूरा गर्भवती हैं इसलिए मानवीय आधार पर जमानत दी गयी|

दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने फैसले में सफ़ूरा से ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होने को कहा है, जिससे जांच पर असर हो| साथ ही कोर्ट ने कहा कि वह दिल्ली छोड़ के नहीं जा सकतीं|

इसके आलावा हाईकोर्ट ने सफ़ूरा से पंद्रह दिन में कम से कम एक बार फोन के जरिये मामले के जांच अधिकारी (आईओ) के संपर्क में रहने के निर्देश दिए हैं, बता दें सफ़ूरा 23 हफ्तों की गर्भवती हैं|