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डोनाल्ड ट्रंप भारत आने वाले हैं और कहा जा रहा है कि मोदी जी ट्रंप के स्वागत में अहमदाबाद में ऐसी लंबी दीवार बना रहे हैं जिससे वो भारत की गरीबी को देख न पाएं। इसको लेकर काफी मजाक भी बनाया जा रहा है। लेकिन क्या ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी महामहिम के आने के पहले गरीबों के घरों के सामने दीवारें बनाई जा रही हैं।

दिल्ली में रहने वाले लोगों को मुनिरका और किंग्स वे कैंप दोनों ही इलाकों के बारे में पता है। क्या आपको पता है कि किंग्स वे कैंप के पास एक गांव है जिसका नाम है ढका… ये नाम ढका इस गांव का क्यों पड़ा इसकी मजेदार कहानी है। कहा जाता है कि जब बरतानिया सम्राट जार्ज पंचम ने अपनी राजधानी कलकत्ता से दिल्ली ट्रांसफर की तब वो भारत में दिल्ली दरबार में इसकी घोषणा करने के लिए भारत पधारे। जिस रास्ते से उनको अपनी ताजपोशी के लिए गुजरना था उसे किंग्स वे कहा गया और जहां पर उनका ताजपोशी के लिए कैंप लगा था उस इलाके को किंग्स वे कैंप के नाम से आज जाना जाता है। इसी किंग्स वे कैंप पर एक गरीब गांव पड़ता था।

पुराना नाम उसका क्या था ये तो पता नहीं लेकिन जब जार्ज पंचम किंग्स वे से गुजरने वाले थे तो कहा जाता है कि उस गांव की गरीबी और झुग्गियों को देखते हुए उसे पूरी तरह से ढक दिया गया। कहा जाता है कि चूंकि उसे ढक दिया गया था इसलिए उस गांव का नाम ढका पड गया। ये तो हुई पुरानी बात लेकिन साल 2010 में जब कॉमनवेल्थ गेम्स होने वाले थे तो दिल्ली एयरपोर्ट से लेकर खिलाड़ियों को स्टेडियम तक ले जाने के लिए कई फ्लाईओवर्स का निर्माण किया गया।

मुनिरका फ्लाईओवर भी इसी दौरान बना। इस फ्लाईओवर के किनारों पर बड़े बड़े लोहे के चादर लगा दिये गए । कहा जाता है कि खिलाड़ी मुनिरका के पास की गंदी और गरीब बस्तियों को देख कर देश की असली गरीब हालत का अंदाजा न लगा लें इसी लिए इस फ्लाईओवर को लोहे की चादरों से ढक दिया गया।

अब पता नहीं उस वक्त मोदी थे या नहीं लेकिन देश के असली विकास पुरुष मनमोहन और दिल्ली की विकास की रानी शीला दीक्षित जरुर मुख्यमंत्री थीं। और गरीबी छिपाने का ये काम आज से महज दस साल पहले किया गया वो भी किसी महामहिम चक्रवर्ती सम्राट की आंखों में धूल झोंकने के लिए नहीं बल्कि सामान्य से विदेशी खिलाड़ियों से देश की गरीबी को बचाने के लिए। सो ट्रंप की दीवार पर अपनी काली स्याही से आप जो कुछ भी लिख रहे हैं लिखते रहिए लेकिन उसी दीवार पर ढका गांव और मुनिरका गांव की बदहाली पर भी लिख लें तो अच्छा रहेगा।