जेट एयरवेज के कर्मचारियों को पिछले चार महीने सैलरी नहीं मिली है. पहले इंजीनियरिंग यूनियन और फिर पायलट यूनियन ने आवाज उठाते हुए सरकार से इस समस्या का समाधान करने की गुजारिश की है। कुछ पायलटों का कहना है कि उन्हें अपना घर चलाने के लिए मां के गहने तक गिरवी रखने पड़ रहे हैं।

आपको बता दें कि जेट एयरवेज पर कथित तौर पर एक अरब डॉलर का कर्ज है, एयरलाइन अपने ऋणदाताओं और विमान लाइसेंस का भुगतान भी नहीं कर पा रही है और कई विमानों का संचालन रोक दिया है।

कैप्टन चोपड़ा पायलट यूनियन के प्रमुख हैं और उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु को लिखे खत में खुल कर पायलटों की बात कही है। उन्होंने कहा कि तनाव के दौर में सुरक्षा से समझौता होने की संभावना है और जिस प्रोफेशन में सबसे ज्यादा सतर्कता और सुरक्षा चाहिए, वहां यह नहीं होना चाहिए।

एक अन्य पायलट कैप्टन आसीम वालियानी ने बताया, ‘सभी 1100 सदस्यों ने फैसला किया है कि अगर उनकी दो मांगें पूरी नहीं की गई तो एक अप्रैल से विमान उड़ाना बंद कर देंगे। हमें हमारी सैलरी और क्लियर रोड मैप चाहिए. अगर ये मांगें पूरी नहीं होती है तो हम उड़ान बंद कर देंगे।